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News Diary

Padmashree Bharat Bhushan Ji turns 60 !

Posted by Sushant Singhal on May 7, 2012 at 3:35 AM Comments comments (0)

   

             कल स्थानीय जनमंच सभागार में श्रद्धेय गुरुजी योगीराज पद्मश्री भारत भूषण जी की षष्टिपूर्ति के उल्लासमय अवसर पर उनकी योग्य सुपुत्री एवं शिष्या आचार्या प्रतिष्ठा ने अपने शिष्यों व शिष्याओं के साथ मिल कर “उल्लास पर्व” का भव्य आयोजन किया।  बाल व किशोर आयु वर्ग की शिष्याओं और शिष्यों को दो वर्ष के छोटे से अंतराल में कत्थक जैसे कठिन नृत्य में इतनी निपुणता प्रदान कर देना कि वह अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अपनी योग्य गुरु आचार्या प्रतिष्ठा के साथ मंच पर प्रस्तुति दे सकें,  स्वयं में एक चमत्कार जैसा ही है !   नृत्य नाटिका के माध्यम से पद्मश्री भारत भूषण जी के जन्म से लेकर आज तक की प्रमुख घटनाओं को सुर और ताल के साथ इतनी कलात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया कि मेरे जैसे लोग जो कत्थक का ककहरा भी नहीं जानते, वह भी अपनी सीट के चिपके हुए एकटक मंच पर ध्यान केन्द्रित किये रहे !  भारत कालेज ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स Bharat College of Performing Arts (BCPA) की प्राचार्या - आचार्या प्रतिष्ठा और उनके शिष्य व शिष्याओं को हार्दिक अभिनन्दन, साधुवाद एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभ कामनायें! 

 


      रहा सवाल श्रद्धेय गुरुजी पद्मश्री भारत भूषणजी का !   उनकी योग्यता, ज्ञान व योग के प्रति समर्पण के कारण किस – किस देश में उनके कितने हज़ार या लाख शिष्य हैं, यह हिसाब – किताब तो वह स्वयं भी नहीं रख पाते होंगे। वह एक महान और विराट्‍ व्यक्तित्व हैं, यहतो स्वयंसिद्ध है पर मेरी दृष्टि में उनकी महानता सबसे अधिक इस बात में है कि वह अपनी महानता के बावजूद नितान्त सहज और सरल हैं। बात-बात पर उनका निश्छल, बालसुलभ हास्य (जो अक्सर अट्टहास बन कर उनके आस-पास उपस्थित लोगों को आनन्द से भर देता है।;) उनके हृदय की उज्ज्वलता का परिचायक है।  सहारनपुर में आने के बाद मैं उनके बारे में समाचारपत्रों में पढ़ता रहता था, विभिन्न कार्यक्रमों में सभापति / मुख्य वक्ता के रूप में उनको विराजमान देखा करता था। एक बार अद्‍भुत दृश्य देखने को मिला । एक कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि थे ।  कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद वह मंच से उतरे तो श्रोताओं में उपस्थित एक व्यक्ति के चरणों में गिर गये और साक्षात्‌ दंडवत्‌ प्रणाम किया।  पता चला कि वह श्रोता विद्यालय काल में उनके गुरु थे।  ऐसे श्रेष्ठ व्यक्तित्व से मैं भी व्यक्तिगत परिचय प्राप्त करूं यह लालसा मन में बनी रही पर संकोच के कारण अनेक वर्ष यूं ही बिता दिये।  एक बार उनको दीपावली पर शुभ कामना संदेश ई-मेल किया ।  उनसे उत्तर मिले, यह इच्छा तो थी, पर आशा नहीं थी !  मेरे आश्चर्य और प्रसन्नता का ठिकाना न था, जब कुछ ही घंटे बाद उनका फोन आया और बोले  "मैं भारत बोल रहा हूं !  आपकी ईमेल मैने कम से कम सौ लोगों को आगे प्रेषित की है ताकि ये शुभ विचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें!"   Wow !    उन्होंने घर पर आने हेतु निमंत्रण दिया तो लगा कि मुंह मांगी मुराद मिल गई !   पहला अंतरंग परिचय उनसे उनकी ही डायनिंग टेबिल पर हुआ!  दो घंटे की प्रथम मुलाकात के दौरान उन्होंने न तो एक बार भी घड़ी की ओर देखा और न ही मुझे ऐसा लगा कि अब नमस्कार करके विदा ले लेनी चाहिये!   अंततः जब चलने के लिये अनुमति मांगी तो बोले, “यदि पन्द्रह मिनट का समय है तो आइये, चलते हैं!” पूरा परिवार कार में बैठा और गाड़ी जाकर रुकी घंटाघर के निकट एक आइसक्रीम पार्लर पर !  यह एक प्रगाढ़, अंतरंग मैत्री का शुभारंभ था !  

       एक बार कहीं पढ़ा था कि जैसे – जैसे आप किसी’महान’ व्यक्ति के, किसी सेलिब्रिटी के निकट परिचय में आते हैं तो आपके मन में उसके प्रति मौजूद आदर भाव क्रमशः कम होता जाता है क्योंकि आप न केवल उस व्यक्ति की महानता से, बल्कि उसकी कमियों से भी परिचित होते चले जाते हैं।  अक्सर महान कहलाने वाले, सेलिब्रिटी माने जाने वाले व्यक्तियों के ’पब्लिक फेस’ और ’प्राइवेट फेस’ में धरती-आकाश का अन्तर होता है।   परन्तु पद्म श्री भारत भूषण जी और आचार्या प्रतिष्ठा – दोनों के ही मामले में यह थ्योरी फेल हो जाती है।  इन दोनों ही व्यक्तित्वों से मेरी जितनी प्रगाढ़ मैत्री होती जाती है, उतना ही आदर भी बढ़ता हुआ अनुभव करता हूं!  शायद ऐसा इसलिये हो पा रहा है कि इन्होंने महानता का आवरण ओढ़ा हुआ नहीं है।  इनका वैशिष्ट्य तो सारे जगत को मालूम ही है जो इनको उच्च धरातल पर ले जाकर बैठाता है।   यह इनका ’पब्लिक फेस’ है जो बहुत चित्ताकर्षक है और लोगों को अपनी ओर खींचता है।  परन्तु इनका  ’प्राइवेट फेस’  यानि आंतरिक व्यक्तित्व भी  इतना ही अधिक, या शायद और भी अधिक,   सरल, निश्छल और  सहज है जो मेरी दृष्टि में वास्तविक रूप में महान होने की सबसे पहली आवश्यक अर्हता है!  इनके साथ बैठ कर सोचना नहीं पड़ता कि क्या बात की जाये!  बातों में से बातें सहज रूप मेंस्वयंमेव ही निकलती चली जाती हैं, कभी किसी के प्रति दुर्भावनापूर्ण विचार सुनने को नहीं मिलते, बातचीत में कभी नकारात्मकता का समावेश नहीं होता !  किसी को महज ’इंप्रेस’ करने के लिये भारी-भरकम बातें करने की आवश्यकता भी अनुभव नहीं होती !  पूर्णतःसहज, सरल और उन्मुक्त, जैसे अपने घर के ही सदस्यों के बीच में बैठे हों !   श्रद्धेय गुरुजी कभी इस यह भी प्रतीक्षा नहीं करते कि दूसरा उनको नमस्कार करे तो वह उत्तर दें !   खुद अपनी ओर से आगे बढ़ कर प्रणाम करने में उनको कभी कठिनाई नहीं होती !  

       परम पिता परमात्मा से विनती है कि ऐसे श्रेष्ठ व्यक्तित्वों की संख्या में दिनानुदिन श्रीवृद्धि हो और हम सब को उनका निरंतर सान्निध्य और स्नेह अनन्त काल तक मिलता रहे !   

 

??????? ??? ??? ???? ?? ?? ! Paondhoi needs cleaning again!

Posted by Sushant Singhal on March 26, 2012 at 9:05 AM Comments comments (0)

                पिछले दो वर्षों में सहारनपुर नगर पूरे उत्तरप्रदेश में अपनी पांवधोई नदी के कारण चर्चा में रहा है।  ‘सहारनपुर में जनता व प्रशासन मिल कर अपनी पांवधोईनदी को साफ करने का अभियान छेड़े हुए हैं ‘   यह समाचार और इस अभियान से जुड़ी खबरें लगभग हर रोज़ समाचार पत्रों की सुर्खियां बनते रहे हैं ।  सहारनपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक कुमार ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए इस अभियान को नेतृत्व दिया और उनके पीछे-पीछे पूरा प्रशासनिक अमला पांवधोई की सफाई के लिये दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ता दिखाई दिया तो जनता और मीडिया में भी उत्साह का ज्वार आ गया।  जिलाधिकारीने इस अभियान को संचालित करने के लिये “पांवधोई बचाओ समिति” का गठन किया जिसमें ११प्रशासनिक अधिकारी और ११ प्रतिनिधि जनता में से नामित किये गये।  समिति के सभी सदस्य पूरे उत्साह से हर रोज़ सुबहपांवधोई के तटों पर सफाई अभियान को गति प्रदान करते हुए दिखाई देने लगे। 

इसअभियान को जनता ने उस दिन पूर्ण सफलता का प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया जब एक अविस्मरणीयशाम को नदी तट पर आ जुटे हज़ारों स्त्रियों, पुरुषों और बच्चों ने अपनी विस्मित आंखोंसे केवट लीला का पांवधोई नदी के अंदर वह मंचन देखा जो पैंतीस साल पहले नदी में व्याप्तभयानक गंदगी के कारण बन्द कर दिया गया था। केवल चार माह में नदी का इतना साफ हो जाना कि उसमें राम – सीता और लक्ष्मण नावमें सवारी कर के भूतेश्वर मंदिर से रामेश्वर मंदिर तक जा सकें – एक चमत्कार जैसा हीथा और ऐसे में यह स्वाभाविक ही था कि इस आंदोलन को नेतृत्व प्रदान कर रहे जिलाधिकारीएक प्रशासनिक अधिकारी के स्थान पर लोक नायक के रूप में देखे जाने लगे ।  “पांवधोई बचाओ समिति” की कर्मठता की भी भूरि – भूरिप्रशंसा हुई और उत्तर प्रदेश सरकार ने चौबीस जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश देदिये कि पांवधोई नदी के सफाई अभियान को आदर्श मानते हुए वह भी अपने अपने जनपदों मेंस्थित नदियों के पुनरुद्धार का कार्यक्रम चलायें !   वाह ! सहारनपुर पूरे उत्तर प्रदेश के लिये एक आदर्श बन गया !  

      परन्तु जो लोग यह सोच रहे थे कि “एक बार साफकर दिये जाने के बाद पांवधोई गंगा अब भविष्य में पुनः गंदी नहीं होगी”  यह देख कर बड़े निराश और दुःखी हुए कि अगले वर्षरामलीला आते – आते नदी पुनः भयानक रूप से गंदी हो चुकी थी।  पिछले सफाई अभियान के नायक जिलाधिकारी आलोक कुमारसहारनपुर से जा चुके थे पर जन – आकांक्षाओं के दबाव में प्रशासन ने नदी के उस भाग में,जहां केवट लीला मंचित की जानी थी, एक सप्ताह के लिये हड़बड़ी में विशेष सफाई अभियान चलायाऔर नदी को इस लायक कर लिया कि रामलीला समिति के पदाधिकारी वहां केवल लीला हेतु हामीभर दें !  जैसे – तैसे मंचन संपन्न हो गया औरप्रशासन व “पांवधोई बचाओ समिति” ने भी राहत की सांस ली।

      परन्तु पांवधोई गंगा के साफ सुथरे स्वरूप कीकुछ लोगों को बार बार याद आती रही और नदी के पुनः गंदे हो जाने का क्षोभ समाचार पत्रोंमें छलकने लगा ।  प्रशासन और पांवधोई बचाव समितिके सदस्यों को ललकारा जाने लगा कि कहां सो गये पांवधोई के पालनहारों !   बस, जन आकांक्षाओं का दबाव पुनः बढ़ने लगा तो आनन– फानन में मीटिंग बुला कर संकल्प लिया गया कि सफाई अभियान पुनः चलाया जायेगा।  पर इस बार न तो प्रशासन में उत्साह है और न ही जनतामें!   यक्ष प्रश्न है कि ऐसा क्यों हो रहाहै?  आखिर पांवधोई गंगा बार – बार इतनी गंदीक्यों हो जाती है कि कुछ महीनों में ही इसमें बीसियों जे.सी.बी. मशीनें और ट्रक उतारनेपड़ते हैं और हज़ारों टन मलबा बाहर निकाल कर फेंकना पड़ता है? 

      दो वर्ष पहले १२ मई २०१० से आरंभ हुए सफाई अभियानके बाद चार मास के अल्प काल में ही पांवधोई नदी का निखरा – निखरा उज्ज्वल स्वरूप देखकरसहारनपुर वासियों के उत्साह का कोई ओर-छोर नहीं था । सफाई अभियान से जुड़ा हर व्यक्तिआत्ममुग्ध था और अपनी पीठ थपथपा रहा था।  जनताभी प्रशासन और पांवधोई बचाओ समिति की जय-जयकार कर रही थी। पर पांवधोई नदी को  साफ – सुथरा उज्ज्वल स्वरूप प्रदान करने में जहांइस बात का योगदान था कि उन चार महीनों में नदी में से लगभग आठ हज़ार ट्रक मलबा बाहरफेंक दिया गया था वहीं इस बात का भी महत्वपूर्ण योगदान था कि जुलाई – अगस्त – सितंबरमें मानसूनी वर्षा से नदी में साफ सुथरे पानी की भरमार हो गई और तीव्र गति से बह रहेवर्षा जल ने नदी की तलहटी में जमी हुई बची-खुची गंदगी को आगे धकेल दिया।  वर्षा का साफ सुथरा पानी नदी में इतना अधिक हो गयाकि नदी को निरंतर सड़ा रहे सरकारी नाले और सीवर भी वर्षा के दिनों में निष्प्रभावी सेहो गये।  पांवधोई बचाओ समिति की बैठकों के दौरानइन नालों का ज़िक्र करने से और नगर की जल-मल निकासी व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकतापर बल देने से पांवधोई सफाई अभियान के संचालकगण उन दिनों नाराज़ हो जाते थे और उनकोलगता था कि जब हर कोई जय-जयकार कर रहा है तो ये क्यों इन कठिन मसलों को उठा कर मूडखराब कर रहे हैं?  पर क्या शुतुरमुर्ग की तरहसे रेत में गर्दन दबा लेने से कठिन समस्याओं से पार पाया जा सकता है?  समस्याओं की ओर बार – बार इंगित करने वाले व्यक्तिकी आप उपेक्षा तो कर सकते हैं पर उन समस्याओं का निराकरण तो फिर भी आपको करना ही पड़ेगा! 

      पांवधोई ही नहीं, देश की अनेकानेक नदियों कीदुर्दशा का एक प्रमुख कारण यह है कि शहरी विकास के नाम पर नदियों को शहर भर की गंदगीको ढोने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। हमारे प्रशासकों को ठोस और तरल कूड़े के निस्तारणका यह सबसे सरल और सुविधाजनक उपाय नज़र आता है कि सारे कूड़े और रसायनों को नदी तक पहुंचादिया जाये ताकि नदी अपने प्रवाह के साथ इस सारी गंदगी को आगे ले जाये !  ऐसे में, न सिर्फ ठोस कूड़ा करकट, बल्कि घरों, दुकानों, फैक्टरियों, मिलों से निःसृत होरहा गंदा पानी व रसायन नदियों में पहुंचा दिये जाते हैं और यह मान लिया जाता है किगंदगी की समस्या से मुक्ति मिल गई है।  वैज्ञानिकरीति से ठोस कूड़े और तरल रसायनों के निस्तारण में मेहनत करनी पड़ती है, दिमाग और पैसाखर्च करना पड़ता है, ऐसे में सीधा, सस्ता और सुगम उपाय हर किसी को यह दिखाई देता हैकि बह रहे पानी में सारी गंदगी डाल दो।  आंखओझल, पहाड़ ओझल ! 

      सहारनपुर की पांवधोई नदी भी शहर के बीचों बीचसे निकलने के अपने ’अपराध’ का अनेक दशकों से यही दंड पाती रही है।  सैंकड़ों सरकारी और गैर सरकारी नाले - नालियां औरसीवर इस नदी में उतारे जा रहे हैं। नगर पालिका ने नदी के दोनों तटों पर खुले आकाश केतले बीसियों कूड़ा संग्रह केन्द्र बना डाले हैं। दोनों तटों पर स्थान-स्थान पर शौचालय और मूत्रालय बनाये गये, गाय-भैंसों केतबेले बनाये गये और यह नितान्त स्वाभाविक माना गया कि यह सारी गंदगी जस की तस नदी मेंपहुंचा दी जाये।  नगर में प्रवेश के साथ हीजब पांवधोई नदी भूतेश्वर मंदिर के आगे से निकली तो मूर्तियां और पूजा का सामान इसमेंप्रवाहित कर दिया गया,  अनाज मंडी से निकलीतो छान कर निकाला गया कूड़ा नदी के हवाले कर दिया गया। थोड़ा सा आगे चल कर नदी सब्ज़ीमंडी में पहुंची तो बचे खुचे, सड़े गले फल, सब्ज़ियों के छिलके, पैकिंग मैटीरियल, पॉलीथिनकी थैलियां नदी को भेंट कर दी गईं !  वर्षोंऔर दशकों तक यही सब देखते-देखते हालत यह हो गई कि लोग पांवधोई को नदी नहीं बल्कि गंदानाला ही मानने लगे!  वर्ष २००७ में जब पांवधोईनदी के वास्तविक पावन स्वरूप को वापिस लौटाने हेतु इस लेखक द्वारा कुछ मित्रों को साथलेकर अभियान आरंभ किया गया तो सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि जनता को पांवधोई नदी का वास्तविकपरिचय कैसे पहुंचाया जाये!  नगर पालिका और जिलाप्रशासन को भी ऐसी कोई जरूरत अनुभव नहीं होती थी कि इस “गंदे नाले” का उद्धार करकेइसका पावन स्वरूप इसे लौटाया जाये।  आई. आई.ए. जैसी बड़ी संस्थाओं ने अपने स्तर पर सफाई के प्रयास किये, लाखों रुपये खर्च कियेपर कुछ ही दिनों में नदी को पुनः जैसे का तैसा होता देख कर वह भी हिम्मत हार बैठे!      

वर्ष २०१० में जिलाधिकारी आलोक कुमार के नेतृत्वमें चलाये गये पांवधोई बचाओ अभियान के दौरान २००७ में निर्मित कार्य-योजना को स्वीकारकिया गया और इस अभियान का सबसे सफल पक्ष यह है कि आज किसी को यह बताने की आवश्यकतानहीं रह गई है कि पांवधोई गंदा नाला नहीं हैबल्कि पावन गंगा की एक धारा है। उस दौरान समाचार पत्रों के माध्यम से जो जन-जागरणअभियान चलाया गया, उससे जनता में इस नदी के उद्धार की भावना और सफाई अभियान के साथजुड़ने हेतु उत्साह जगा है।  पर नदी को बार– बार गंदगी की ओर लौटा रहे मूलभूत कारकों को लेकर प्रशासन का रवैया आज भी चलताऊ है। इन उपायों की क्षण-भंगुरता को देखते हुए, वहीपुराना उत्साह दोबारा अनुभव करना भी कठिन हो रहा है।  प्रशासन को पांवधोई का सफाई अभियान अब गले पड़ा ढोलअनुभव होने लगा है जिसे चाहे न चाहे, उसे बजाना पड़ेगा।  मन ही मन  प्रशासन के वर्तमान अधिकारी पूर्व जिलाधिकारी आलोककुमार को कोसते रहते होंगे कि खुद तो इलाहाबाद चले गये, ये मुसीबत हमारे गले में बांधगये।  अब प्रशासन कुछ हरकत करता दिखाई देताभी है तो वह महज जन – आकांक्षाओं के दबाव में। कुछ करने की सूझती है तो बस यही कि कुछ सफाई कर्मचारी नदी में उतार दिये जायेंजो कूड़ा बीनते रहें।  ज्यादा दबाव पड़ता है तोजे.सी.बी. मशीन और ट्रक भी नदी में उतार दिये जाते हैं।  परन्तु मूल समस्या तो जस की तस है।

जैसा कि पहले इंगित किया गया है, नदी में अनेकानेकसरकारी नाले उतारे जा रहे हैं जो पूरे शहर की गंदगी नदी को सौंपते हैं।  इन नालों के अतिरिक्त नगर निगम ने नदी के दोनोंतटों पर शौचालय, मूत्रालय और कूड़ा संग्रह केन्द्र बना रखे हैं ।  कूड़ा संग्रह केन्द्र का अर्थ है कि खुले आकाश केनीचे व्यस्त मार्गों पर, आधी से अधिक सड़क घेर कर पूरे शहर का कूड़ा, इंसानों और जानवरोंका मल आदि फैला दिया जाता है जिसे नगर पालिका के ट्रक कुछ घंटों या कुछ दिनों के बादउठाते हैं। आवारा गाय, कुत्ते और सुअर दिन भर इन कूड़ा घरों पर अपने लिये भोजन तलाशतेहुए देखे जा सकते हैं। नदी के तट पर बनाये गये इन कूड़ा संग्रह केन्द्रों में से कुछअपशिष्ट नदी में पहुंच जाता है।  नगर निगम नेसहारनपुर नगर के बीचों बीच से बहने वाली पांवधोई नदी के दोनों तटों को कूड़ा संग्रहकेन्द्र के रूप में उपयोग करने के लिये सर्वाधिक उपयुक्त स्थान माना – इससे नगर निगमके प्रशासकों के चिंतन की दिशा और दशा स्पष्ट हो जाती है।  

पांवधोई नदी के तट को धोबीघाट के रूप में इस्तेमालकरने के लिये सर्वाधिक उपयुक्त मानना नगर निगम के अधिकारियों की विकृत सोच का एक औरशर्मनाक नमूना है।  धोबीघाट पर तत्कालीन मंत्रियोंके नाम के पत्थर लगे हुए आज भी देखे जा सकते हैं। नदी के तट पर धोबीघाट का फीता काटतेहुए इन मंत्रियों को बहुत गर्व अनुभव हुआ होगा। परन्तु जब तक नगर निगम अपने नालों को पांवधोई से बाहर नहीं करेगी,  अपने कूड़ा संग्रह केन्द्रों को नदी तट से स्थानांतरितनहीं करेगी,  धोबीघाट को किसी अन्य स्थान परनहीं ले जाया जायेगा, नदी तट पर बनाये गये शौचालयों और मूत्रालयों को नहीं हटाया जायेगा– तब तक पांवधोई की सफाई की कल्पना आत्म प्रवंचना ही है इससे अधिक कुछ भी नहीं!   किसी शहरकी नदी कितनी साफ है या गंदी है यह उस शहर की जल-मल निकासी व्यवस्था की सफलता या असफलताका सबसे अधिक विश्वसनीय पैमाना है। खेद के साथ कहना पड़ता है कि सहारनपुर के लिये जल-मलकी निकासी व्यवस्था का निर्णय करने वाले नीति – निर्धारकों और प्रशासकों ने अपनी बुद्धिमत्ताऔर दूरदृष्टि का परिचय नहीं दिया है।  जब तकप्रशासन दशकों से चली आ रही अपनी विकृत जल-मल निकासी व्यवस्था में आमूल – चूल परिवर्तननहीं करेगा, तब तक नदी गंदी ही रहेगी!   

             

 

Saharanpurians donated blood today

Posted by Sushant Singhal on February 12, 2012 at 9:05 AM Comments comments (1)

Saharanpur ( 12 Feb. 2012 )   Saharanpurians formed a queue for a different reason today.  They were standing in the queue to give their blood in response to a call from The Saharanpur Dot Com and Sri Ram Krishna Sewa Sansthan (Regd.) here at IMA Bhawan, Saharanpur.  Total 61 units of blood were handed over to the team of doctors coming from Himalayan Institute Hospital Trust Jollygrant, Dehradun while 8 donors were found to be having poor blood and were therefore suggested to improve their RBCs and wait till next occasion.


Padmashree Bharat Bhushan, who together with Pt. Suresh Chaitanya,  Dr. S.K. Upadhyay, Pt. Jai Prakash Yagyik, Shri Satya Prakash Sharma and Sushant Singhal paid floral tributes to the holy memory of St. Pathik Ji Maharaj kudoed the maiden effort by thesaharanpur dot com and Sri Ram Krishna Sewa Sansthan. 


Reaching as early as 9.30 a.m.  for donating their blood were Shri Hariom Ganpati Sahastrabudhhe, Principal, Saraswati Vidya Mandir Inter College, Saharanpur, Miss Ragini Garg, Vipul Kapil and Anuj Jain. The people of Saharanpur did not allow the team of HIHT to take rest thereafter till 2 p.m.  


The credit for success of this evdeavour must go to Bhagwat Bhushan Pt. Jai Prakash Ji 'Yagyik' ,  Controller of Sri Ram Krishna Sewa Sansthan, who worked tirelessly for several days - meeting and motivating people to come forward for blood donation.  Not only this, the team of  Sri Ram Krishna Sewa Sansthan made necessary arrangements for the program under the skippership of Dr. S.K. Upadhyay, Chairman of the Saharanpur Chapter of Sewa Sansthan. 




Press Conference News

Posted by Sushant Singhal on February 7, 2012 at 11:00 AM Comments comments (0)

Amar Ujala - 6th Feb.




Hindustan Daily - 6th Feb. 2012



Janwani - 6th Feb. 2012

Blood Donation Camp on 12 Feb.

Posted by Sushant Singhal on February 3, 2012 at 1:00 AM Comments comments (0)


The Saharanpur Dot Com and Sri Ram Krishna Sewa Sansthan are jointly organising a mega BLOOD DONATION CAMP on coming 12th Feb. 2012 (Sunday).   A team of doctors would be coming from The Himalayan Institute and Hospital Trust, Joligrant, Dehradun  for this purpose.  The camp would be organised at following venue and time :


IMA Bhawan, Opp. Janakpuri Thana,  Hakikat Nagar Saharanpur


10 a.m. to 1 p.m.  - Sunday, 12 Feb. 2012


Among the dignitaries who would be present at the camp are Padmashree Bharat Bhushan Ji,  Sri Aditya Prakash Verma, S.P. (Rural) Saharanpur.   Sri Suveer Kumar Gupta, CEO, Shivalik Bank has offered to be a blood donor on the occasion.  

If you are a healthy person (not taking any medicine these days)  and have not donated blood during last 3 months, you are welcome to donate your blood.  As you would be knowing,  when we donate blood, we are not only giving life to someone who may be dying but we are improving the quality of our blood also.  Doctors say that one unit of blood donated by us is replenished within 15 days with fresh blood.  If you have a Blood Donor Certificate with you,  you are entitled to get same amount of blood in case any of your friends / family members are in need of the same.  


Please send us your confirmation to become a blood donor in the above camp,  by email or phone.    In case you cannot donate your blood for health or some other reasons, still, you are cordially invited to participate in the camp.  As a respectable member of The Saharanpur Dot Com,  you can shoulder various other responsibilities in the camp.

 


आपको जान कर हर्ष होगा कि द सहारनपुर डॉट कॉम और श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान (रजि.) ने मिल कर आगामी 12 फरवरी 2012 को एक रक्तदान शिविर का आयोजन करने का निश्चय किया है जिसमें डॉक्टर्स की एक टीम हिमालयन हॉस्पिटल, जॉलीग्रांट, देहरादून से आ रही है।   कार्यक्रम इस प्रकार है - 

कैंप स्थल - IMA Bhawan,  Opp. Thana, Hakikat Nagar,  सहारनपुर 

समय व दिनांक - 12 फरवरी, 2012 - 10.00 a.m. ---  1.00 p.m.

यदि आप स्वस्थ हैं और आपने पिछले तीन मास में रक्तदान नहीं किया है, तो आप रक्तदान शिविर में रक्तदान के लिये सादर आमंत्रित हैं।   यदि आप रक्तदान नहीं कर सकते तो भी आप इस शिविर के आयोजन में अपना सहयोग कर सकते हैं ।    चिकित्सकों के अनुसार,  रक्तदान का दोहरा लाभ होता है - एक तो हम किसी की जान बचाने में सहयोग करते हैं और दूसरे,  हमारे अपने रक्त की भी शुद्धि हो जाती है।   जितना रक्त हम देते हैं, उतना रक्त बनने में केवल पंद्रह दिन लगते हैं ।    


यदि हमारे पास रक्तदान का प्रमाण पत्र है तो उसे दिखा कर हम अपने किसी मित्र / परिजन को आवश्यकता पड़ने पर रक्त भी दिलवा सकते हैं ।    हमारा मिनी स्वास्थ्य चेक अप भी योग्य चिकित्सकों द्वारा मुफ्त में ही हो जाता है।    


आशा है, आप रक्त दानदाता के रूप में इस शिविर में उत्साह सहित भाग लेंगे ।  कृपया अपनी स्वीकृति से हमें अवगत करायें ।  


यदि आप किसी भी वज़ह से रक्त दान नहीं कर पा रहे हैं तो भी हमें इस शिविर में आपकी आवश्यकता होगी ।  द सहारनपुर डॉट कॉम के सम्मानित सदस्य के रूप में आपका इस शिविर में हमारी जिम्मेदारियों में सहयोग करने के लिये हार्दिक स्वागत है।   

Sonia Gandhi honours Saharanpur's Surgeon

Posted by Sushant Singhal on December 28, 2011 at 6:50 AM Comments comments (0)

Saharanpur (28th Dec.) Dr. Ashish Saini, M.S., a product of Asha Modern School Saharanpur, KGMC Lucknow and AIIMS, New Delhi  was honoured in a gracious programme in AIIMS's convocation function on becoming an expert in robotic surgery.  Dr. Ashish Saini was not only congratulated by his proud parents - Mrs. and Dr. Satya Prakash Saini of Anaj Mandi Saharanpur but also by  UPA's Chairperson Ms. Sonia Gandhi who honoured Dr. Ashish with the medal.  Dr. Ashish dedicated this great achievement to his parents and to the city of Saharanpur.

 

 

Robotic surgery or computer-assisted surgery is the latest surgical technique enabling a surgeon to carry out minimal invasive surgery by controlling various surgical instruments through computer-directed robot.  For this a tele-manipulator is used which allows the surgeon to perform normal movements during surgery while actual surgery is carried out by the robotic arm under guidance of the surgeon.  This helps the patient in having minimum possible incisions and high-precision instrumental control.

 



Dr. Ashish Saini, always a topper in school and also at King George Medical College, Lucknow during his MBBS and MS,  is one of the three surgeons from India and the only one from AIIMS, New Delhi who were hand-picked for the 30 days' rigorous training schedule in Las Vegas in US.  Ms. Sonia Gandhi, while felicitating the young doctor of Saharanpur for this extra-ordinary achievement, hoped that he would be better and even more comforting healer to his patients.  The Health Minister,  also present on the stage, gave away certificates to the honoured doctors.

 


Dr. Ashish Saini, a pool officer at AIIMS - the country's premier health-care institution has assured the people of Saharanpur that they would receive personalised attention if, God forbid, they need some medical attention.  

 


On behalf of Saharanpur, thesaharanpur.com extends heartiest congratulations to Dr. Ashish Saini and his veteran doctor father Rtn. Dr. Satya Prakash Saini on this great occasion. May the father-son duo continue to serve the people with same zeal and dedication which is so typical of them . 

 


Saharanpur - Activites of 1st & 2nd Nov.

Posted by Sushant Singhal on November 3, 2011 at 1:30 PM Comments comments (0)

संवाददाता : प्रणव अग्रवाल


सहारनपुर से टपरी तक बसे बढाने जाने की मांग


सहारनपुर।   जनपद के व्यापारी वर्ग ने जिलाधिकारी से सहारनपुर से टपरी तक की बसें बढायें जाने की मांग की है। उन्होने कहा कि लम्बे रूट पर जाने वाली महत्वपूर्ण टेनो को पकडने के लिये इस रूट पर बसें बढाई जाना अत्यन्त आवश्यक है।


व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों ने कई अन्य  मांगें भी जिलाधिकारी  ज़ुहेर बिन सगीर के सम्मुख रखी। जिलाधिकारी ने खस्ताहाल सड़कों की बाबत जानकारी देते हुए कहा कि उन्हे शासन से सडकों की मरम्मत हेतु धनराशि मिलनी शुरू हो गयी है। गलीरा रोड पर रेलवे की भूमि पर सडक के चौडीकरण के बारे में जिलाधिकारी ने कहा कि यदि रेलवे को इसके  बदले भूमि उपलब्ध करायी जाये, तो ऐसा सम्भव हो सकेगा।  देवबंद से आये व्यापारियों ने नाला जाम होने से इंडस्ट्रियल एरिया में गंदा पानी भरने की समस्या रखी।

 


ज्ञान सिंह पुंडीर  पांचवी बार अध्यक्ष पद का उत्तरदायित्व संभालेंगे।


सहारनपुर। कलक्ट्रेट बार संघ के चुनाव में विनय चौहान  व उनके साथियों ने लगभग सभी पदों पर जीत हासिल कर बार संघ में अपनी लोकप्रियता को सिद्ध किया।  देर रात घोषित हुए नतीजों में अध्यक्ष पद पर ज्ञान सिंह पुंडीर विजयी घोषित हुए।


भूषण प्रकाश शर्मा  को महासचिव पद का उत्तरदायित्व मिला है।  कलक्ट्रेट बार संघ चुनाव में  218 मतदाता हैं जिनमें से 211 ने अपने मत का प्रयोग किया।   अध्यक्ष पदभार वहन करने के लिये ज्ञान सिंह पुंडीर, महासचिव हेतु भूषण प्रकाश शर्मा,  वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद हेतु महावीर सिंह सैनी  और मुदित मित्तल  बहुसंख्य मतदाताओं की पसन्द रहे।  महासचिव के तीन पदो पर दुष्यंत त्यागी, सुभाष चंद  और सुंदर पाल थापर  का चयन हुआ।   कोषाध्यक्ष  के रूप में  मानसिंह  व वरिष्ठ सदस्य कार्यकारिणी  के नाते कामराज सिंह पुंडीर,  सहदेव त्यागी  ब्रजभूषण लाल गुप्ता, जमशेद खान , राकेश कुमार शर्मा, शीशपाल  कार्यभार संभालेंगे।      


चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद कलक्ट्रेट बार संघ में एक दूसरे को मिठाई खिला कर खुशियां मनाई गयीं ।   

 

 

प्रार्थना सभाओं का आयोजन


सहारनपुर। ईसाई समाज के लोगो ने दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान किये जाने के लिये विभिन्न स्थानो पर प्रार्थनाओं का आयोजन किया।


जैन कालेज रोड स्थित कब्रिस्तान में हुई प्रार्थना सभा में फादर  फ्रैड्रिक डि’सूजा ने कहा कि मरने वाले पूर्वजों में बुजुर्ग, बडे़ व बच्चे तीनो हैं।  हमें उनके लिय दिल से प्रार्थना करनी चाहिये।  दूसरें कब्रिस्तान में फादर जोकिम ने ईसाई समाज के लोगो को प्रार्थनायें करायी। उन्होने कहा कि हमारें बीच से दुनिया  छोडने वाले लोग भले ही हमारे बीच में न रहते हो, लेकिन उनकी आत्माओं से हमारा नाता कभी नही टूट सकता।


नगर के सभी कब्रिस्तानों को शाम के समय रोशनी की गई थी।  ईसाई धर्म के जिला महासचिव रोजेश मसीह ने बताया कि कब्रिस्तान में पेंट, पुताई के अलावा, बाईबिल के संदेश भी लिखवायें गये है। प्रार्थना सभाओं में ईसाई समाज से अर्चना, सोलेमन, शिखा, राजू, सरोज, विक्टर, किटी समेत भारी संख्या में ईसाई धर्म के लोग मौजूद रहे।

 



सहारनपुर में छठ पर्व की धूम


सहारनपुर। छठ पर्व पर जनपद वासियों ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर पुण्य लाभ कमाया। छठ पर्व को लेकर पूर्वांचल वासियों में काफी उत्साह था।


मानकमऊ स्थित बडी नहर पर मंगलवार रात से ही भारी भीड नजर आने लगी थी। महिलायें, पुरूष व बच्चे ढोल-बाजों के संग नृत्य कर पर्व की खुशियां बांटने में मग्न थे। युवको के आतिशबाजी के बीच बडी नहर एक मेले के सामान नजर आ रही थी।   सूर्योदय की पहली किरण जैसे ही महिलाओं पर पडी, तो हाथों में पूजा की साम्रगी लेकर एकत्र हो गयीं और विधि विधान से पूजा अर्चना कर सूर्यदेव की अराधना की।  इस महत्वपूर्ण अवसर पर छठ पूजन समिति द्वारा नहर के आसपास विशेष व्यवस्था की गयी थी। राज्यमंत्री संजय गर्ग ने कार्यक्रम स्थल पर  पहुंचकर पूर्वांचल वासियों को छठ पर्व की  शुभकामनाऐं दी।


छठ पूजन समिति के अध्यक्ष ठाकुर पवन सिंह, महासचिव निर्मल यादव तथा पूर्वाचल सांस्कृतिक सभा के अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने बताया कि इस दिन सूर्य देवता की पूजा कर महिलाएं अपने पुत्रों की लम्बी आयु तथा पुत्र प्राप्ति की कामना करती है। कार्यक्रम के दौरान जगमोहन प्रजापति, महासचिव बसंत सिंह, नरेंद्र यादव, विश्वनाथ तिवारी, सतीश शुक्ला प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 



बास्केट बॉल प्रतियोगिता में आज


सहारनपुर। सेंट मैरीज स्कूल में आयोजित सीबीएसडी बास्केट बाल प्रतियोगिता में सेंट मैरीज स्कूल की टीम ने चैपिंयन शिप पर अपना कब्जा जमाया।


चिलकाना रोड स्थित स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता में मेजबान टीम सेंट मैरीज ने जान मिल्टन आगरा की टीम को करारी मात देकर चैपियनशिप झटक  ली। बेस्ट परफारमेंस का खिताब विशाल सिंह को दिया गया। जान मिल्टन की ओर से बेस्ट खिलाडी का पुरस्कार रवि हुडडा को दिया गया। प्रतियोगिता में सेंट मैरीज स्कूल की टीम ने आगरा की टीम के पिछले तीन सालों के रिकार्ड ध्वस्त कर दिये।   खिताबी मुकाबले में सेंट मैरीज स्कूल की टीम ने शुरूआती दौर से ही बढत बनाकर आगरा की छक्के छुड़ा दिये।  

मुकाबलों के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में स्कूल की प्रधानाचार्या  सुषमा बजाज और प्रतियोगिता की संयोजक शिखा मौर्या ने विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाडियों को पुरस्कृत किया। उन्होने कहा कि स्कूल की टीम ने यह प्रतियोगिता अपने नाम कर न केवल संस्था का गौरव बढाया है, बल्कि जनपद का नाम भी रोशन किया है। मधुर बजाज एवं सौरभ बजाज ने भी टीम के विजयी होने पर उन्हे शुभकामनाऐं दी। समारोह के दौरान हरीश शर्मा, सीमा गुंबर, माधवी, कल्पना, बिंदिया, अनीस आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के उपरांत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये।

 

 

एस.डी. कॉलिज में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन होगा

 


जवाहरलाल नेहरू राज्य बालक विज्ञान प्रदर्शनी में चयन हेतु एसडी इंटर कालेज में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी चार से पांच नवम्बर तक विद्यालय परिसर में आयोजित की जायेंगी।


चकरोता रोड स्थित विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र गोपाल सारस्वत ने पत्रकारों को बताया  कि विज्ञान प्रदर्शनी के लिये मुख्य विषय “विज्ञान समाज एवं पर्यावरण” रखा गया है। इसके उप-विषय के रूप में  कृषि एवं खाद्य सुरक्षा,  ऊर्जा  स्रोत एवं संरक्षण, स्वास्थ्य, पर्यावरण की समस्यायें एवं महत्व शामिल किये गये है।


उन्होने बताया कि संयुक्त राष्ट संघ ने वर्ष 2011 को “अंतराष्ट्रीय रसायन वर्ष”  के रूप में मनाने की घोषणा की है।  इस विषय को लेकर भी विद्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया जायेंगा। उन्होने बताया कि छात्रो में विज्ञान केप्रति जागरूकता लाने के लिये ऐसे आयोजन आयोजित किये जा रहे है। उन्होने बताया कि इस प्रदर्शनी में जनपद के सभी इंटर कालेजो के विद्यार्थी हिस्सा लेगे।

 


बास्केट बॉल प्रतियोगिता - कहीं खुशी कहीं ग़म


सेंट मैरीज स्कूल में आयोजित सीबीएसई बास्केटबाल प्रतियोगिता में आशा मार्डन और ज्ञान कलश स्कूल की टीमे बाहर हो गयी है।  


चिलकाना रोड स्थित सेंट मैरीज स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता में बाहर से आयी टीमें सेमी फाईनल में जगह बनाने में कामयाब रही, बल्कि नगर की ही आशा मार्डन स्कूल व ज्ञान कलश इंटरनेशनल स्कूल की टीमें प्रतियोगिता से बाहर हो गयी।


प्रतियोगिता में धर्म पब्लिक स्कूल की टीम ने आजाद पब्लिक स्कूल की टीम को 55-43 से हराया, जबकि गाजियाबाद के नेहरू वर्ल्ड  स्कूल की टीम ने सहारनपुर की ज्ञान कलश स्कूल की टीम को भारी मात दी। इसमें गाजियाबाद की टीम ने 64 अंक जुटाये, जबकि ज्ञान कलश की टीम 16 अंको पर ही सिमट गयी।


सेंट मैरीज स्कूल की टीम ने नोयडा के एपीजे स्कूल की टीम से खेल कर 75 अंक हासिल किये। जबकि नोयडा की टीम 33 अंको पर ही सिमट गयी।  जान मिल्टन आगरा की टीम ने एबीएन रूडकी को 53-26 से हराया। इन मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर जीत हासिल करने वाली चारों  टीम सेमी फाईनल में पहुंच गयी। टीम के निर्णायक मंडल में एके सिंह, गोपाल, सुनील त्यागी, मनोज कुमार, रीनू, कुंवरदीप प्रमुख रहे।


प्रतियोगिता के दौरान अनु बजाज, शिखा मौर्या, मधुर बजाज, सुभाष बजाज, सुनील अरोडा, रंजना नैब भी मौजूद रहे।

 


राजनीतिक उठापठक


1.    सपा हाईकमान ने सहारनपुर जिलाध्यक्ष पद का ताज मौहम्मद तारिक गुडडू को पहनाया है। गुडृडू के अलावा तीन अन्य नेता भी अध्यक्ष पद की लाईन में थे, जिनमें विनोद शर्मा, राज सिंह माजरा व फरहाद गाडा भी दावेदार थे।


2.    विधायक इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी को झटका देने के लिये शहर सीट से चिकित्सक कलीम अहमद, जो आई.एम.ए. सहारनपुर चैप्टर के चेयरमैन भी हैं,  को अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है। इमरान मसूद घंटाघर स्थित एक होटल में पत्रकारो से वार्ता कर रहे थे। उन्होने कहा कि उनका प्रयास नगर सीट पर बुद्धिजीवी वर्ग के व्यक्ति को चुनाव लडाना था। इसके लिये उन्होने कलीम अहमद से सम्पर्क कर उनकी सहमति पर यह निर्णय लिया है। उन्होने कहा कि शहरी सीट पर उनका मुकाबला सीधे-सीधे भारतीय जनता पार्टी से है। जबकि अन्य छह सीटो पर बसपा से है।  

 

 

Saharanpur on 31 Oct - 1 Nov

Posted by Sushant Singhal on November 1, 2011 at 6:50 AM Comments comments (0)

सहारनपुर (प्रणव अग्रवाल, संवाददाता द्वारा -

  

बास्केट बॉल प्रतियोगिता अपडेट


सेंट मैरीज स्कूल में आयोजित सीबीएसई बास्केट बाल क्लस्टर बालक प्रतियोगिता मेंसहारनपुर की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया है।


सेंट मैरीज स्कूल सहारनपुर ने 53 अंक हासिल कर देहरादून पब्लिक स्कूल को पराजित किया। जबकि देहरादून की टीम सिर्फ 12 अंक पर ही सिमट गयी। रेयान इंटरनेशनल ग्रेटर नोयडा ने सेंट मैरीज इटावा की टीम को पराजित किया।धर्म पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोयडा ने बाल भारती नोयडा की टीम को मात्र 2 रनो से पटखनी दे दी ।  आशा मार्डन स्कूल सहारनपुर की टीम ने एच आर पब्लिक स्कूल लक्सर को बुरी तरह मात दी। इसमेंलक्सर की टीम 1 अंक भी हासिल न कर पायी।


नेहरू वर्ल्ड स्कूल गाजियाबाद ने मोनपार्ट पब्लिक स्कूल रूडकी को   46-30 से,  एपीजे गाजियाबाद ने जागरण पब्लिक स्कूल नोयडा को 31-10 से मात दी। डीपीएस गाजियाबाद ने पीएफ  मुरादाबाद की टीम को 31-4 और सेंट मैरीज सहारनपुर ने दूसरे मुकाबले में सेंट मैरीज एकेडमी को 46-12 से मात दी। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों ने अपनी प्रतिभा का रोचक प्रदर्शन किया।  निर्णायक मंडलमें ए के सिंह, गोपाल, महताब, रीचू, मनोज शामिल रहे।

 

16वीं आकांक्षा जोशी एवार्ड नृत्य प्रतियोगिता


सहारनपुर।रंग संस्था नाट्य एकेडमी द्वारा आयोजित16वीं आकांक्षा जोशी एवार्ड नृत्य प्रतियोगिता में रगारंग प्रस्तुतियां प्रस्तुतकी गयी।  कार्यक्रम में वैष्णवी नृत्यालय की साधिका चार्वी अरोडा ने  अपनी शास्त्रीय प्रस्तुति के बल पर आकांक्षा जोशी अवार्ड पर कब्जा किया।


चंद्रनगर स्थित आशा मार्डन स्कूल के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री संजय गर्ग एवंसमाजसेवी प्रभा जुनेजा ने  मां सरस्वतीके सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया।  भाजपा नेत्री व स्वागताध्यक्ष अवनीत कौर ने  मुख्य अतिथि बसपा नेता व राज्यमंत्री संजय गर्ग को पुष्प गुच्छ अर्पित कर के उनका स्वागत किया।   गीतकार ओमी गौतम ने सरस्वती आराधना प्रस्तुत कर कार्यक्रम कीशुरूआत की   ।     वैष्णवी नृत्यालय की साधिकाओं ने गणेशवंदना प्रस्तुत कर प्रारंभ से ही कार्यक्रम की बुलंदियों का अहसास कराते हुए सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।  प्रथम ग्रुप पांच से12 साल के गुप  में  साधिका चार्वी अरोडा ने प्रथम, सृष्टिमित्तल ने द्वितीय व सिमरन पुरी ने तृतीय स्थान हासिल किया।  अंशिका रमन, काव्या सिंघल, प्रियांशी सैनी व तेजस्वी ने अपनी प्रस्तुति से सभागार को तालियों की गडगडाहट से सरोबार कर दिया।  12 से 15 साल तक के ग्रुप में निकिता टेबक ने प्रथम, वाणी शर्मा ने द्वितीय व जसलीन डंग ने तृतीय स्थान हासिल किया। 15 साल से उपर के वर्ग में अंबिका जैन ने प्रथम, अर्पण नेगी ने द्वितीय स्थान हासिल किया।


देश भर में सहारनपुर जिले का नाम रोशन करने वाले गीतकार अजय झींगरण ने अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।  सहारनपुर की होनहार छात्रा एवं फिल्म बब्बल गम की नायिका अपूर्वा  को राज्यमंत्री संजय गर्ग एवं विजेश जोशी ने नौवें वीरेंद्र अग्रवाल अवार्ड से सम्मानित किया।  कार्यक्रम केनिर्णायक मंडलमें इंद्र पारूषी, विनोद बावा, पंकज पांडेय को भी पुरस्कृत किया गया।  गायक अजय झींगरण को नाट्य कलारत्न अवार्ड से नवाजा गया।


कार्यक्रम में डा. के.के. शर्मा (प्राचार्य एम.एस. कालिज, सहारनपुर;) के अतिरिक्त के. एल. अरोड़ा,  प्रवेश धवन, अवनीत कौर के दौरान विनय जिंदल, पंकज बंसल, संजय गुप्ता, राकेश शर्मा, राज नितिन सिंह, जयदीप, पीएन मघुकर, मृदुल जोशी, श्रवण आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व रंगकर्मी एवं प्रधानाचार्य श्री संजय गुप्ता ने किया।

 

सरदार वल्लभ भाई पटैल की 136 वीं जयंती


सहारनपुर।   लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटैल की 136 वीं जयंती पर गुर्जर फेडरेशन कार्यकर्ताओं ने मंडलायुक्त कार्यालय पर सामूहिक उपवास किया। सरकार की भ्रष्ट नीतियों के विरूद्ध इस उपवास का आयोजन किया गया है।


चौधरी रघुराज सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है। उन्होने कहा कि आतंकवाद जैसी गंभीर समस्या का निदान सरदार पटैल के आदर्शो परचल कर ही किया जा सकता है। अमित बजाज ने कहा कि आज का उपवास सरकारी भ्रष्ट नीतियों के विरोध में किया गया है। उन्होने कार्यकर्ताओं से सरदार पटेल जी के आदर्शो पर चलने काआह्वान किया।  उपवास के दौरान सचिन चौधरी, लवी, गगन, राहुल, सन्नी, संजय, प्रदीप, वितेश, अनुज, विक्की, कुलदीप, प्रवीण, राजेश, आकाश, अजय, सचिन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 

टेंलेंट हंट प्रतियोगिता


सहारनपुर।   दिल्ली पब्लिक स्कूल में टेंलेंट हंट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में आदित्य सिंह, मेहरवान,शौर्य औरउनकी माताओं ने अपनी प्रस्तुति से पेड लगाओं,प्रदूषण बचाओ का संदेश दिया। इसके लिये उन्हें प्रथम स्थान दिया गया।  दूसरे स्थान पर रहे वत्सल अरोडा और उनकी माता ने लघु नाटिका के माध्यम से आलस्य छोडो औरकाम करो का संदेश दिया। तृतीय स्थान पर रही नित्या अग्रवाल, सागरिका अग्रवाल और उनके पिता ने अपनी प्रस्तुति से सभी कोअनूठा संदेश दिया।  स्कूल की उप-प्रधानाचार्या पूनम श्रीवास्तव ने अव्वल रहे सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होने कहा कि हमें समाज हित की शिक्षा भी अवश्य रूप सेग्रहण करनी चाहिये। उन्होने बच्चों को पेड-पौधे लगाने केलिये प्रेरित किया। उन्होने अभिभावको से अपील की और कहा कि वह अपने बच्चो को नैतिक कार्य करने केलिये प्रेरित करें।

 


Please strictly implement market holidays

Posted by Sushant Singhal on October 30, 2011 at 7:05 AM Comments comments (0)

Saharanpur (30 Oct.)  A group of consciencous businessmen and social activists, during its meeting with the DM Saharanpur, drew his attention to the fact that market holidays are not being regulated at all by some of the shopkeepers.  The DM appreciating the feeling behind the demand, instructed the City Magistrate to look into this and take action against the defaulters, if any.  Copies of the representation have been sent to the SSP Saharanpur and also to the Jt. Labour Commissioner Saharanpur.


Satya Sharma, a prominent businessman having his show room at Ambala Road, Saharanpur who led the delegation told thesaharanpur.com that the problem of not adhering to the market holidays has many facets and consequences.  He said that the idea behind the law of observing a weekly off is to give rest to the employers and employees.  Further, it eases the traffic situation on the roads for a day and people enjoy time with their families and can have a social life.  But when some people, with complete disregard to this regulation, keep their shops open even on the days of weekly off, they defeat the very purpose of declaring this weekly off.  He hoped that the district administration would take up this matter with the seriousness it deserves and would strictly implement the law regarding the weekly off.


(This portal hopes that our readers are actively interested in giving our Saharanpur a better image and would love to work for a better Saharanpur.  Please therefore do express your views here by putting up your comments on various posts.  This gives us the idea of what Saharanpur thinks about various issues affecting Saharanpur.  Editor )

   

Happy Deepawali

Posted by Sushant Singhal on October 25, 2011 at 1:05 PM Comments comments (0)

 


दीप – संदेश

 

दीपक है आराधना, दीपक दिव्यालोक

दीपक के अभियान को, तमस न पाता रोक।


दीपक सच की पटकथा,दीपक है आलेख

सत्य जानना है अगर, दीपक बन कर देख।


तन माटी के दीप सा,मन उजला आलोक

कर्म मनुज की चेतना, धर्म, कर्म की नोक ।


हे कवि, छोड़ विलासिता,रच प्रकाश के गीत

पिछड़ेपन का नाश हो, हो विकास की जीत ।


भागेगा तम का असुर,सिर पर रख कर पांव

कभी अडिग रहते नहीं, अंधकार के पांव ।


सूरज जब बुझने लगा,दीप बना अवतार

तम के सम्मुख डट गया, भूल गया आकार ।


दीप रूप भगवान को,करता रहूं प्रणाम

दीप पर्व करता रहूं, सदा प्रेम के नाम ।


- हरिराम’पथिक’

’स्नेह गंगा’, गली नं. ३, विष्णुधाम कालोनी,

न्यू माधव नगर, सहारनपुर

0132-2660719; 9457648900


*    *     *     *     *     *     *

 


 


प्रिय मित्रों,

दीपावली के इस ज्योति पर्व पर आपको बहुत बहुत बधाई !  

क़ायनात को चलाने वाली एक अज्ञात शक्ति है।  कोई उसे ईश्वर, अल्लाह, तो कोई वाहे गुरू,ईसा मसीह कहते है, जब उस शक्ति ने ही हमारे अंदर कोई फर्क नही रखा,तो ऐ बंदे !  तेरा क्या वजूद?

भ्रष्टाचार देश में है जब तक,

हर रात तब तक है काली,

जनलोकपाल बिल पास करायें,

तभी मनेगी  खुशियों की दीवाली।

मित्रों, परम श्रद्धेय संविधान निर्माता बाबा साहब डा भीमराव अम्बेडकर जी के बनाये हुए संविधान में भारत के हर स्वतंत्र नागरिक को मौलिकता के आधार पर  मताधिकार प्राप्त है।

ऐसे में हमारा भी कर्तव्य बनता  है कि अपनी  अन्तरात्मा की आवाज को सुनते हुए केवल ऐसे प्रत्याशियों को चुनें जो  स्वच्छ,  ईमानदार छवि के हों और  कर्मठ व अपराध मुक्त हों ।  ऐसे ही प्रत्याशी देश को जनलोकपाल बिल  दे पायेंगे।  जय हिन्द !  


वैभव भाटिया

City President - People rights Protection Society "PRPS"

Dist. Jt. Secretary, Akhil Bhartiya Udyog Vyapar Mandal

Executive Member, IIA Saharanpur

City Secretary, BSP, Saharanpur Unit

Dist. Jt. Secretary, All India Ant-Terrorist Front

361/1, Subhash Nagar, Saharanpur

Phone : +91 99272 00001


*    *     *     *    *    *    *

 


I, on behalf of Maharaj Singh College and my family extend my best wishes to all for a joyous and prosperous Deepawali.

Dr. K.K. Sharma
Principal, Maharaj Singh College, Saharanpur




तिमिर पर प्रकाश की विजय का प्रतीक यह ज्योति पर्व आप सब के जीवन में सुख सौभाग्य की अमृतवर्षा करे ।  ज्ञान का प्रकाश चहुं ओर विस्तारित हो और नैराश्य,  दुःख, कष्ट,  भ्रष्टाचार को देश में कहीं मुंह छिपाने के लिये भी जगह न हो !

जी.पी. रोहिल्ला, प्रधानाचार्य
सरस्वती विहार सीनियर सैकेंडरी स्कूल,
दिल्ली रोड, सहारनपुर


सभी नगरवासियों को एस.डी. इंटर कॉलिज एवं के.आर. हाई स्कूल सहारनपुर विद्यालय परिवार की ओर से दीपावली के इस पर्व पर हार्दिक शुभ कामनायें एवं बधाई ।

प्रभु कृपा से आपके बच्चे दीपावली के दीपों की तरह जगमगायें और उच्च शिखर को प्राप्त करें।

(सुरेन्द्र गोपाल सारस्वत;)

प्रधानाचार्य

एस.डी. एंटर कॉलिज, सहारनपुर

9219879651; 9456225128

0132-2661614



सभी नगर वासियों को एस.बी.बी.ए. इंटर कॉलिज सहारनपुर के प्रबन्धक, प्रधानाचार्य, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की ओर से दीपावली की हार्दिक शुभ कामनायें। दीपावली का यह पर्व सबके जीवन में ज्ञान का प्रकाश लाये।

सत्यवीर सिंह आर्य

प्रधानाचार्य

एस.बी.बी.ए. इंटर कॉलिज

भूतेश्वर मंदिर रोड, सहारनपुर

9219777596

 

 




समस्त नगरवासियों को एच. ए. वी. इंटर कॉलिज विद्यालय परिवार  की तरफ से हार्दिक शुभकामनायें ।  दीपों का यह पर्व सदा आपके जीवन को खुशियों से आलोकित करता रहे।

(एस.एस. राजपूत;)

प्रधानाचार्य

एच.ए.वी. इंटर कॉलिज,

सहारनपुर



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    umesh rajpal

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