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कल स्थानीय जनमंच सभागार में श्रद्धेय गुरुजी योगीराज पद्मश्री भारत भूषण जी की षष्टिपूर्ति के उल्लासमय अवसर पर उनकी योग्य सुपुत्री एवं शिष्या आचार्या प्रतिष्ठा ने अपने शिष्यों व शिष्याओं के साथ मिल कर “उल्लास पर्व” का भव्य आयोजन किया। बाल व किशोर आयु वर्ग की शिष्याओं और शिष्यों को दो वर्ष के छोटे से अंतराल में कत्थक जैसे कठिन नृत्य में इतनी निपुणता प्रदान कर देना कि वह अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अपनी योग्य गुरु आचार्या प्रतिष्ठा के साथ मंच पर प्रस्तुति दे सकें, स्वयं में एक चमत्कार जैसा ही है ! नृत्य नाटिका के माध्यम से पद्मश्री भारत भूषण जी के जन्म से लेकर आज तक की प्रमुख घटनाओं को सुर और ताल के साथ इतनी कलात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया कि मेरे जैसे लोग जो कत्थक का ककहरा भी नहीं जानते, वह भी अपनी सीट के चिपके हुए एकटक मंच पर ध्यान केन्द्रित किये रहे ! भारत कालेज ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स Bharat College of Performing Arts (BCPA) की प्राचार्या - आचार्या प्रतिष्ठा और उनके शिष्य व शिष्याओं को हार्दिक अभिनन्दन, साधुवाद एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभ कामनायें!

रहा सवाल श्रद्धेय गुरुजी पद्मश्री भारत भूषणजी का ! उनकी योग्यता, ज्ञान व योग के प्रति समर्पण के कारण किस – किस देश में उनके कितने हज़ार या लाख शिष्य हैं, यह हिसाब – किताब तो वह स्वयं भी नहीं रख पाते होंगे। वह एक महान और विराट् व्यक्तित्व हैं, यहतो स्वयंसिद्ध है पर मेरी दृष्टि में उनकी महानता सबसे अधिक इस बात में है कि वह अपनी महानता के बावजूद नितान्त सहज और सरल हैं। बात-बात पर उनका निश्छल, बालसुलभ हास्य (जो अक्सर अट्टहास बन कर उनके आस-पास उपस्थित लोगों को आनन्द से भर देता है।
उनके हृदय की उज्ज्वलता का परिचायक है। सहारनपुर में आने के बाद मैं उनके बारे में समाचारपत्रों में पढ़ता रहता था, विभिन्न कार्यक्रमों में सभापति / मुख्य वक्ता के रूप में उनको विराजमान देखा करता था। एक बार अद्भुत दृश्य देखने को मिला । एक कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि थे । कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद वह मंच से उतरे तो श्रोताओं में उपस्थित एक व्यक्ति के चरणों में गिर गये और साक्षात् दंडवत् प्रणाम किया। पता चला कि वह श्रोता विद्यालय काल में उनके गुरु थे। ऐसे श्रेष्ठ व्यक्तित्व से मैं भी व्यक्तिगत परिचय प्राप्त करूं यह लालसा मन में बनी रही पर संकोच के कारण अनेक वर्ष यूं ही बिता दिये। एक बार उनको दीपावली पर शुभ कामना संदेश ई-मेल किया । उनसे उत्तर मिले, यह इच्छा तो थी, पर आशा नहीं थी ! मेरे आश्चर्य और प्रसन्नता का ठिकाना न था, जब कुछ ही घंटे बाद उनका फोन आया और बोले "मैं भारत बोल रहा हूं ! आपकी ईमेल मैने कम से कम सौ लोगों को आगे प्रेषित की है ताकि ये शुभ विचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें!" Wow ! उन्होंने घर पर आने हेतु निमंत्रण दिया तो लगा कि मुंह मांगी मुराद मिल गई ! पहला अंतरंग परिचय उनसे उनकी ही डायनिंग टेबिल पर हुआ! दो घंटे की प्रथम मुलाकात के दौरान उन्होंने न तो एक बार भी घड़ी की ओर देखा और न ही मुझे ऐसा लगा कि अब नमस्कार करके विदा ले लेनी चाहिये! अंततः जब चलने के लिये अनुमति मांगी तो बोले, “यदि पन्द्रह मिनट का समय है तो आइये, चलते हैं!” पूरा परिवार कार में बैठा और गाड़ी जाकर रुकी घंटाघर के निकट एक आइसक्रीम पार्लर पर ! यह एक प्रगाढ़, अंतरंग मैत्री का शुभारंभ था !
एक बार कहीं पढ़ा था कि जैसे – जैसे आप किसी’महान’ व्यक्ति के, किसी सेलिब्रिटी के निकट परिचय में आते हैं तो आपके मन में उसके प्रति मौजूद आदर भाव क्रमशः कम होता जाता है क्योंकि आप न केवल उस व्यक्ति की महानता से, बल्कि उसकी कमियों से भी परिचित होते चले जाते हैं। अक्सर महान कहलाने वाले, सेलिब्रिटी माने जाने वाले व्यक्तियों के ’पब्लिक फेस’ और ’प्राइवेट फेस’ में धरती-आकाश का अन्तर होता है। परन्तु पद्म श्री भारत भूषण जी और आचार्या प्रतिष्ठा – दोनों के ही मामले में यह थ्योरी फेल हो जाती है। इन दोनों ही व्यक्तित्वों से मेरी जितनी प्रगाढ़ मैत्री होती जाती है, उतना ही आदर भी बढ़ता हुआ अनुभव करता हूं! शायद ऐसा इसलिये हो पा रहा है कि इन्होंने महानता का आवरण ओढ़ा हुआ नहीं है। इनका वैशिष्ट्य तो सारे जगत को मालूम ही है जो इनको उच्च धरातल पर ले जाकर बैठाता है। यह इनका ’पब्लिक फेस’ है जो बहुत चित्ताकर्षक है और लोगों को अपनी ओर खींचता है। परन्तु इनका ’प्राइवेट फेस’ यानि आंतरिक व्यक्तित्व भी इतना ही अधिक, या शायद और भी अधिक, सरल, निश्छल और सहज है जो मेरी दृष्टि में वास्तविक रूप में महान होने की सबसे पहली आवश्यक अर्हता है! इनके साथ बैठ कर सोचना नहीं पड़ता कि क्या बात की जाये! बातों में से बातें सहज रूप मेंस्वयंमेव ही निकलती चली जाती हैं, कभी किसी के प्रति दुर्भावनापूर्ण विचार सुनने को नहीं मिलते, बातचीत में कभी नकारात्मकता का समावेश नहीं होता ! किसी को महज ’इंप्रेस’ करने के लिये भारी-भरकम बातें करने की आवश्यकता भी अनुभव नहीं होती ! पूर्णतःसहज, सरल और उन्मुक्त, जैसे अपने घर के ही सदस्यों के बीच में बैठे हों ! श्रद्धेय गुरुजी कभी इस यह भी प्रतीक्षा नहीं करते कि दूसरा उनको नमस्कार करे तो वह उत्तर दें ! खुद अपनी ओर से आगे बढ़ कर प्रणाम करने में उनको कभी कठिनाई नहीं होती !
परम पिता परमात्मा से विनती है कि ऐसे श्रेष्ठ व्यक्तित्वों की संख्या में दिनानुदिन श्रीवृद्धि हो और हम सब को उनका निरंतर सान्निध्य और स्नेह अनन्त काल तक मिलता रहे !
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Saharanpur ( 12 Feb. 2012 ) Saharanpurians formed a queue for a different reason today. They were standing in the queue to give their blood in response to a call from The Saharanpur Dot Com and Sri Ram Krishna Sewa Sansthan (Regd.) here at IMA Bhawan, Saharanpur. Total 61 units of blood were handed over to the team of doctors coming from Himalayan Institute Hospital Trust Jollygrant, Dehradun while 8 donors were found to be having poor blood and were therefore suggested to improve their RBCs and wait till next occasion.
Padmashree Bharat Bhushan, who together with Pt. Suresh Chaitanya, Dr. S.K. Upadhyay, Pt. Jai Prakash Yagyik, Shri Satya Prakash Sharma and Sushant Singhal paid floral tributes to the holy memory of St. Pathik Ji Maharaj kudoed the maiden effort by thesaharanpur dot com and Sri Ram Krishna Sewa Sansthan.
Reaching as early as 9.30 a.m. for donating their blood were Shri Hariom Ganpati Sahastrabudhhe, Principal, Saraswati Vidya Mandir Inter College, Saharanpur, Miss Ragini Garg, Vipul Kapil and Anuj Jain. The people of Saharanpur did not allow the team of HIHT to take rest thereafter till 2 p.m.
The credit for success of this evdeavour must go to Bhagwat Bhushan Pt. Jai Prakash Ji 'Yagyik' , Controller of Sri Ram Krishna Sewa Sansthan, who worked tirelessly for several days - meeting and motivating people to come forward for blood donation. Not only this, the team of Sri Ram Krishna Sewa Sansthan made necessary arrangements for the program under the skippership of Dr. S.K. Upadhyay, Chairman of the Saharanpur Chapter of Sewa Sansthan.
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The Saharanpur Dot Com and Sri Ram Krishna Sewa Sansthan are jointly organising a mega BLOOD DONATION CAMP on coming 12th Feb. 2012 (Sunday). A team of doctors would be coming from The Himalayan Institute and Hospital Trust, Joligrant, Dehradun for this purpose. The camp would be organised at following venue and time :
IMA Bhawan, Opp. Janakpuri Thana, Hakikat Nagar Saharanpur
10 a.m. to 1 p.m. - Sunday, 12 Feb. 2012
Among the dignitaries who would be present at the camp are Padmashree Bharat Bhushan Ji, Sri Aditya Prakash Verma, S.P. (Rural) Saharanpur. Sri Suveer Kumar Gupta, CEO, Shivalik Bank has offered to be a blood donor on the occasion.
If you are a healthy person (not taking any medicine these days) and have not donated blood during last 3 months, you are welcome to donate your blood. As you would be knowing, when we donate blood, we are not only giving life to someone who may be dying but we are improving the quality of our blood also. Doctors say that one unit of blood donated by us is replenished within 15 days with fresh blood. If you have a Blood Donor Certificate with you, you are entitled to get same amount of blood in case any of your friends / family members are in need of the same.
Please send us your confirmation to become a blood donor in the above camp, by email or phone. In case you cannot donate your blood for health or some other reasons, still, you are cordially invited to participate in the camp. As a respectable member of The Saharanpur Dot Com, you can shoulder various other responsibilities in the camp.

आपको जान कर हर्ष होगा कि द सहारनपुर डॉट कॉम और श्री रामकृष्ण सेवा संस्थान (रजि.) ने मिल कर आगामी 12 फरवरी 2012 को एक रक्तदान शिविर का आयोजन करने का निश्चय किया है जिसमें डॉक्टर्स की एक टीम हिमालयन हॉस्पिटल, जॉलीग्रांट, देहरादून से आ रही है। कार्यक्रम इस प्रकार है -
कैंप स्थल - IMA Bhawan, Opp. Thana, Hakikat Nagar, सहारनपुर
समय व दिनांक - 12 फरवरी, 2012 - 10.00 a.m. --- 1.00 p.m.
यदि आप स्वस्थ हैं और आपने पिछले तीन मास में रक्तदान नहीं किया है, तो आप रक्तदान शिविर में रक्तदान के लिये सादर आमंत्रित हैं। यदि आप रक्तदान नहीं कर सकते तो भी आप इस शिविर के आयोजन में अपना सहयोग कर सकते हैं । चिकित्सकों के अनुसार, रक्तदान का दोहरा लाभ होता है - एक तो हम किसी की जान बचाने में सहयोग करते हैं और दूसरे, हमारे अपने रक्त की भी शुद्धि हो जाती है। जितना रक्त हम देते हैं, उतना रक्त बनने में केवल पंद्रह दिन लगते हैं ।
यदि हमारे पास रक्तदान का प्रमाण पत्र है तो उसे दिखा कर हम अपने किसी मित्र / परिजन को आवश्यकता पड़ने पर रक्त भी दिलवा सकते हैं । हमारा मिनी स्वास्थ्य चेक अप भी योग्य चिकित्सकों द्वारा मुफ्त में ही हो जाता है।
आशा है, आप रक्त दानदाता के रूप में इस शिविर में उत्साह सहित भाग लेंगे । कृपया अपनी स्वीकृति से हमें अवगत करायें ।
यदि आप किसी भी वज़ह से रक्त दान नहीं कर पा रहे हैं तो भी हमें इस शिविर में आपकी आवश्यकता होगी । द सहारनपुर डॉट कॉम के सम्मानित सदस्य के रूप में आपका इस शिविर में हमारी जिम्मेदारियों में सहयोग करने के लिये हार्दिक स्वागत है।
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कमलनाथ की एक मनमोहक कृति
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध हो रहे सहारनपुर की शान में एक और तमगा लगा है और इस तमगे का नाम है - कमलनाथ ! वर्ष 1969 में कलकत्ता में जन्मे कमलनाथ एक ऐसे कलाकार हैं जो किसी कला महाविद्यालय से ड्राइंग पेंटिंग की शिक्षा विधिवत रूप से ग्रहण न करने के बावजूद अपनी अद्भुत प्रतिभा के बल पर देश - विदेश में लाखों लोगों के चहेते बन चुके हैं। आपकी बनाई हुई ऑयल पेंटिग्स की प्रदर्शनी न केवल भारत में बल्कि कनाडा, आस्ट्रेलिया, दुबई और सिंगापुर आदि अन्य देशों में भी लगाई गई हैं और देश विदेश में अनेक लोगों ने आपके किये गये अद्भुत कार्य को अपने ड्राइंग रूप व शयनकक्ष की दीवारों पर गर्व के साथ सजाया है।
प्रस्तुत है कमलनाथ के साथ एक विशेष बातचीत जो ताज होटल में आज ही आरंभ हुई त्रि-दिवसीय प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर कला-दीर्घा में घूमते- घूमते, उनके द्वारा बनाये गये तैल चित्रों का अवलोकन करते करते हुई !

सहा. डॉट कॉम - पेंटिंग करने के लिये कैनवस और ब्रश हाथ में लेने हेतु आपको प्रेरणा कहां से मिलती है?
कमलनाथ - पेंटिंग करना मुझे भाता है, कैनवस के आगे जब मैं आ खड़ा होता हूं तो मुझे और कुछ भी होश नहीं रहता ! प्रेरणा कौन है, यह भी स्पष्ट रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता ।
सहा.डॉट कॉम - पर फिर भी, पेंटिंग बना लेने के बाद आप उसे सबसे पहले किसको दिखाना चाहते हैं ?
कमलनाथ - घर में पेंटिंग करता हूं, कहीं एकांत में नहीं अतः पत्नी और बच्चे तो मुझे कैनवस पर कार्य करते हुए देखते ही रहते हैं। किसी अन्य विशेष व्यक्ति को दिखाने का प्रयास करता हूं, ऐसा तो मुझे नहीं लगता !
सहा.डॉट कॉम - यहां प्रदर्शित आपकी लगभग सभी कृतियों में नारी के ही विभिन्न रूपों का ही चित्रण है, कुछ चेहरे भारतीय हैं तो कुछ विदेशी हैं। पेंटिंग बनाते समय क्या कोई परिचित चेहरा कैनवस पर बार - बार उभरने लगता है?
कमलनाथ - कुछ पेंटिंग में तो मेरा अपना बेटा ही चित्रित हुआ है जिसको विभिन्न काल्पनिक रूपों में देखता हूं। पर इनमें से उसका कोई भी स्वरूप ऐसा नहीं है, जो वास्तविक हो । यह यथार्थ और कल्पना का मनमाना मिश्रण है। कभी कभी कोई दृश्य मन को बहुत भा जाता है तो उसे उस समय अपने कैमरे में संजो लेता हूं। बाद में उसमें अपनी कल्पना के अनुसार परिवर्तन करके मनमाने रंग भरता रहता हुं ।
सहा. डॉट कॉम - आपकी दृष्टि में कलाकार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कितनी होनी चाहिये? क्या किसी कलाकार को अपनी रचनाओं से किसी की भावनाओं को आहत करने की अनुमति दी जा सकती है?
कमलनाथ - यदि आप यह एम.एफ. हुसैन साहब की कुछ कृतियों को लेकर उठे विवाद के संदर्भ में पूछ रहे हैं तो मेरा स्पष्ट मानना है कि कोई भी कलाकार कभी किसी की भावनाओं को जानबूझ कर आहत करने का काम नहीं करना चाहेगा। यदि किसी रचना से किसी धार्मिक समूह की भावना आहत हुई हों तो उसे अपनी रचना वापिस ले लेनी चाहिये और भविष्य में कहीं पर प्रदर्शित नहीं करनी चाहिये।
सहा. डॉट कॉम - पर एम.एफ. हुसैन ने तो अनेकानेक कृतियां ऐसी बनाईं जो हिन्दू जनमानस को उद्वेलित करती हैं, उनको देख कर क्रोध आता है। और किसी भी धर्म के देवी - देवता को तो उन्होंने ऐसे कभी भी चित्रित नहीं किया ।
कमलनाथ - हुसैन साहब बहुत बड़े कलाकार रहे हैं और मैं उनके सम्मुख कुछ भी नहीं फिर भी इतना तो कह सकता हूं कि यदि मेरी किसी रचना से कभी भी, किसी को भी दुःख पहुंचेगा तो मैं स्पष्ट शब्दों में माफी मांगते हुए ऐसी किसी भी रचना को कहीं पर भी प्रदर्शित या प्रकाशित नहीं कराऊंगा। मेरे लिये मेरी ये कला व्यवसाय नहीं है, स्वयं खुश रहने और दुनिया में खुशियां बिखेरने का साधन है। इससे किसी के हृदय को चोट पहुंचे, यह मुझे स्वीकार्य नहीं है। मेरे चित्र सकारात्मक हैं, जीवन के उजले पक्ष को सम्मुख रखते हैं और देखने वालों के मन में जीवन के प्रति आस्था जगाते हैं। मुझे कला का यही रूप पसन्द है। मैं अपने चित्रों से, अपनी कला से किसी को बेचैन नहीं करना चाहता जबकि कुछ लोग जीवन के नकारात्मक पहलुओं को उभारने को ही सच्ची कला मानते हैं ।
इस अवसर पर कमलनाथ का उत्साहवर्द्धन करने के लिये मौजूद प्रसिद्ध चित्रकार श्री रामशब्द सिंह से भी बातचीत हुई । उनके अनुसार कमलनाथ के चित्र दोनों प्रकार के कलाप्रेमियों को पसन्द आते हैं । जो लोग कला की गहराइयों में उतर कर इन चित्रों की सफलता और महत्ता को आंकते हैं उनको भी और जो पेंटिंग खरीद कर अपने ड्राइंग रूप में सजाना चाहते हैं, उनको भी कमलनाथ प्रभावित करते हैं। कुछ चित्रों को देख कर लगता है कि ये कमलनाथ ने अपने मन की खुशी के लिये बनाये हैं जबकि कुछ चित्रों को देखकर ऐसा आभास होता है कि इस कलाकार ने यह चित्र बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखा होगा कि ये चित्र व्यावसायिक रूप से भी सफल हो !
वज़ाहुल हक़ ’काशिफ’ की भावनाओं में भी यही विचार प्रतिध्वनित होते हुए लगते हैं। उनके अनुसार अच्छी कला वही है जो खुशी दे, जिसको देख कर चेहरे पर मुस्कान आये, जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को पोषण मिले । उनके अनुसार कमलनाथ की कला इस कसौटी पर खरी उतरती है।
पत्रकार एवं लेखक डा. वीरेन्द्र आज़म के अनुसार कमलनाथ प्रकृति और प्रेम के चितेरे चित्रकार हैं जिनकी पेंटिंग इठलाती भी दिखती है और खिलखिलाती भी ! उनकी पेंटिंग में श्रृंगार भी है, तरुणाई भी, सांझ की लालिमा भी है और अरुणाई भी !
प्रसिद्ध चित्रकार, लेखक, कवि एवं पूर्व वरिष्ठ आई. ए. एस. अधिकारी आर. पी. शुक्ल के शब्दों में - " कमलनाथ वाटर एक्रेलिक व ऑयल पेंटिंग के सिद्धहस्त कलाकार हैं जिन्होंने अपनी रंगों से भरी तूलिका से कैनवस पर जीवन के विभिन्न पक्षों को अभिव्यक्त किया है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की कलात्मक परंपरा से रस ले कर आधुनिकता को भी चित्रित किया है।
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नवंबर मास अर्थात् यातायात मास
सहारनपुर। (प्रणव अग्रवाल, संवाददाता द्वारा) नवम्बर माह में सहारनपुर में यातायात मास मनाने की प्रथा है। प्रशासन और कुछ न भी करे, पर कुछ दिन तक जोर-शोर से चैकिंग अभियान चलाया जाता है जो वाहनों के पेपर्स चैक करने और हैल्मेट के लिये जिद करने तक ही सीमित रहता है। दुपहिया वाहनों पर तीन-चार सवारियां लेकर घूमना, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते रहना, इश्टाइल मारते हुए युवाओं का बाइक चलाना, लाइन की परवाह न करते हुए गलत साइड से आगे निकलने का प्रयास करना, रात - रात भर अवैध रूप से ट्रैक्टर ट्रालियों पर पेड़ों को काट - काट कर यमुनानगर की मिलों तक पहुंचाना, स्पीड लिमिट की परवाह न करते हुए गाड़ियों को अंधाधुंध भगाना, ओवरलोड ट्रालियों को सुविधा शुल्क लेकर चुपचाप निकलने देना, चौराहों और व्यस्त सड़कों पर यातायात जाम आदि इस यातायात मास के दौरान भी जारी रहता है।
इस बार यातायात माह के अंतर्गत इसी कड़ी के अंतर्गत चलाये जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान अनेकों नाबालिग स्कूली बच्चे भी दुपहिया वाहन चलाते पकडे गये। नगर की यातायात पुलिस ने स्कूलों को भी इस सम्बंध में नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है, कि स्कूल संचालक नाबालिक बच्चो को वाहन न चलाने की हिदायत दें।
यातायात प्रभारी अजय कुमार श्रीवास्तव तथा सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी सुभाष राजपूत के संयुक्त नेतृत्व में कोर्ट रोड स्थित सिविल कोर्ट तिराहे पर अनेको वाहनों की गहन चेकिंग की गयी जिसमें सबसे अधिक ध्यान उन दुपहिया वाहनों पर दिया गया, जिन्हें नाबालिग स्कूली बच्चे चला रहे थे। इसमें कई वाहनों का चालान कर जुर्माना भी वसूल किया गया।
चार रेंजर्स राष्ट्रपति एवार्ड के लिये चयनित
स्थानीय मुन्ना लाल कालेज की गुलिस्ता रानी, शेनसवती, नीलम कुमारी एवं मेनका देवी को अगले वर्ष के प्रथम माह में राष्टपति सम्मान के रूप् में मेडल सर्टिफिकेट एवं स्पेशल कोट प्रदान किया जायेंगा। इस एवार्ड के उपरांत रेंजर छात्राओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की सरकारी सर्विस कोटे के अलावा दस अंको का बोनस भी मिलेगा। इसी के साथ रेलवे एवं रोडवेज की यात्रा में भी छूट प्रदान की जायेंगी।
रेंजर्स के रूप् में चयन का आधार प्रवेश से लेकर प्रवीण और निपुण स्तर के प्रशिक्षण शिविरों को पूरा करने का आधार होता है। इन प्रतिभा शाली छात्राओं ने चयन से पूर्व हरियाणा के बल्लभगढ स्थित गदपुरी में राष्टीय मुख्यालय प्रशिक्षण केंद्र के शिविर में शानदार प्रदर्शन किया था। चयनित छात्राओं ने अपनी इन उपलब्धियों के लिये अपने अभिभावको के अलावा प्रादेशिक संगठन आयुक्त राजेंद्र सिंह, हंसपाल, सहायक प्रादेशिक संगठन कमिश्नर अरविंद कुंमार श्रीवास्तव, जिला संगठन कमिश्नर अनिल कुमार भारद्वाज, जिला संगठन कमिश्नर दीपमाला चैधरी, जिला मुख्य आयुक्त कुलभूषण जैन के साथ कालेज की प्राचार्या डा वीणा जैन, रेंजर्स प्रभारी डा निर्मला एवं डा सीमा सहित अन्य सभी शुभ चिंतको के प्रयासों की सराहना की।
टी.ई.टी. परीक्षा हेतु प्रशासन ने कमर कसी
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 13 नवम्बर को करायी जाने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी के लिये सभी व्यवस्थायें पूरी कर ली गयी है। गत दिवस संयुक्त शिक्षा निर्देशक शील वर्मा के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रो के व्यवस्थापको के साथ तैयारियों को लेकर विचार विमर्श किया। बताया गया कि इस परीक्षा में लगभग 35 हजार से भी अधिक अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। जिसमें परीक्षा के लिये जनपद के 33 केंद्र बनायें गये है। जिनको आठ सैक्टरो में बांटा गया है। परीक्षा दो पालियों में होंगी। प्रत्येक सैक्टर में आने वाले परीक्षा केंद्रो पर परीक्षा की व्यवस्थाओं के लिये निर्धारित सैक्टर अधिकारी तैनात किये जायेंगे। अधिकांश परीक्षा केंद्रो पर 800 से 1000 परीक्षार्थियों की परीक्षा कराने की व्यवस्था की गयी है।
बाबा लाल दास रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज के परीक्षा केंद्र पर सबसे अधिक 1080 परीक्षार्थियों के परीक्षा कराने की व्यवस्था की गयी है। अन्य परीक्षा केंद्रो पर छात्रो की संख्या इस परीक्षा केंद्र से कम रहेंगी। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा कराने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है। इसी के साथ सभी परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र भिजवाने की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गयी है। किसी परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र न मिलने की स्थिति में वह उसे आनलाईन भी डाउनलोड करा सकता है। कुछ केंद्रो पर शिक्षण कार्य कर रहें अध्यापक ही आवेदक है, इस लिये उन केंद्रो पर डयूटी पर स्टाफ कम पडने की सम्भावनाओं पर भी विचार विमर्श किया गया।
जिला विद्यालय निरीक्षक शिवलाल ने समस्त अधिकारियों को आश्वस्त किया, कि परीक्षा से पूर्व परीक्षा की सभी तैयारियों की नियमित निगरानी की जायेंगी।
क्रीडा एवं स्काउट गाईड प्रतियोगिता का समापन
उच्च माध्यमिक विद्यालय, मनोहरपुर एवं भारतीय बाल विद्यालय ने संयुक्त रूप् से ओवरआल चैंपियनशिप कब्जायी। नगर शिक्षा अधिकारी अरूणा गोयल की अध्यक्षता में समापन समारोह आयोजित किया गया। 50 मीटर दौड में शिवम प्रथम, हायसम द्वितीय, 100 मीटर में हायसम प्रथम, रवि द्वितीय, 50 मीटर बालिका में आस्था प्रथम, साबी द्वितीय स्थान पर रहे। स्काउट प्रतियोगिता में पूर्व माध्यमिक विद्यालय नुमाईश कैंप प्रथम, कमेला कालोनी द्वितीय, गाइड में पूर्व माध्यमिक विद्यालय मनोहरपुर प्रथम, उच्च प्राथमिक विद्यालय द्वितीय स्थान पर रहे। खोखो में प्राथमिक बालिका ताहरपुर की टीम प्रथम रही।
भ्रष्टाचार के विरूद्ध 15 से 17 नवम्बर तक जनजागरूकता रैली
सहारनपुर। यूथ अंगेस्ट क्रप्शन की बैठक में भ्रष्टाचार के विरूद्ध 15 से 17 नवम्बर तक जनजागरूकता रैली निकालने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश संगठन मंत्री नितेश तोमर, जिला संयोजक सोहन मुखिया ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के सभी स्कूल, काॅलेजो के छात्र-छात्राओं को भ्रष्टाचार के विरू़द्ध जागरूक किया जायेंगा। इसके बाद लखनउ में तीन दिवसीय विशाल महारैली भी आयोजित की जायेंगी। बैठक में विनय सैनी, राजू पंडित, हरीश मोहन, आनंद कांबोज, विशू तोमर, पेरिस, टोनी, राहुल, विक्रंम, सूर्य, हिमांशु आदि प्रमुख रूप् से मौजूद रहे।
टेबिल टेनिस हेतु मंडलीय टीम का चयन
सहारनपुर। बी.एच.एस. इंटर कालेज में शनिवार को जनपदीय टेबिल टेनिस प्रंतियोगिता का शुभारंभ हो गया है। इसमें श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर मंडलीय टीम का चयन किया गया। प्रतियोगिता का उदघाटन प्रधानाचार्य डा कृष्ण कुमार शर्मा ने किया। उन्होने खिलाडियों से परिचय प्राप्त करने के बाद उन्हे खेल भावना से खेलने को प्रेरित किया। उन्होने कहा कि सिर्फ क्रिकेट जैसे खेलो में ही प्रतिभायें नही चमकती, बल्कि अन्य खेलो में भी अपना कैरियर अच्छा बनाया जा सकता है।
मंडलीय टीम के खिलाडियों में एसडी इंटर कालेज के छात्र शुभम दत्त, नवोदित सक्सेना, प्रशांत वर्मा, बीएचएस इंटर काॅलेज के छात्र निखिल कुमार, मंसूर अहमद को सीनियर वर्ग के लिये चुना गया, जबकि इसी स्कूल के शुभम व शुभम कुमार को जूनियर वर्ग के लिये चयन किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्र्रवीण चैधरी, ब्रजपाल सिंह, अमरीक सिंह शामिल रहे।
’अव्यवस्था चलती रहे’, सुधार के प्रयासों को "उत्पीड़न" का नाम
सहारनपुर। मान्यता प्राप्त स्कूलो के लिये नये मानको को लागू करने के विरोध में विद्यालय संचालको ने नौ नवम्बर को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। हिंमांशु जूनियर हाईस्कूल में प्रबंधको एवं प्रधानाचार्यो की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। स्कूलो में नेशनल बिल्डिंग कोड, अग्निशमन यंत्र एवं छात्रवृति फीडिंग के नाम पर उत्पीडन का आरोप लगाया गया है। प्रधानाचार्यो का कहना था कि बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालयों को सहयोग करने की बजाय नये नियमों एवं मानको में उलझकर स्कूलो का ’उत्पीडन’ करने का काम कर रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष पवन सिंह राठौर ने कहा कि कई सालों से चल रहे स्कूलो को किसी भी साजिश के तहत बंद होने नही दिया जायेंगा। उन्होने सभी स्कूल प्रधानाचार्यो से अपील की है कि वह नौ नवम्बर को विद्यालय में अवकाश रखे और स्कूल बंद कर संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर आयोजित धरने को सफल बनाये। बैठक में रामशक्ल यादव, कृष्ण मोहन मिश्रा, देशबंधु शर्मा, महक सिंह, महेंद्र सिंह, गुलाम हाफिज प्रमुख रूप् से मौजूद रहे।
सांस्कृतिक समारोह
सहारनपुर। युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा आयोजित जनपदीय सांस्कृतिक समारोह में 11 ब्लाॅको से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें एकल गीत, एकांकी, लोक नृत्य में गंगोह, एकांकी में सढौली कदीम और लोकगीत में नकुड की टीम विजयी रही। समारोह का उदघाटन सरसावा विकास खंड अधिकारी रमेश चंद गौतम ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद जिला युवा कल्याण अधिकारी बृजपाल सिंह ने आगुंतको एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होने कहा कि इस तरह के आयोजनो से भारतीय संस्कृति के विकास में भारी सहयोग मिलता है। समारोह का समापन ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक देवेंद्र कुमार ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया। इससे पहले जनता इंटर काॅलेज अहमदपुर ब्राहमण में हुई मंडलीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी अनूठी कला का प्रदर्शन किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा और नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक राकेश कुमार ने भी युवाओं को भारतीय संस्कृति से जुडे कार्यक्रमो में सहभागिता बढाने पर जोर दिया।
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सहारनपुर (प्रणव अग्रवाल, संवाददाता द्वारा -
बास्केट बॉल प्रतियोगिता अपडेट
सेंट मैरीज स्कूल में आयोजित सीबीएसई बास्केट बाल क्लस्टर बालक प्रतियोगिता मेंसहारनपुर की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
सेंट मैरीज स्कूल सहारनपुर ने 53 अंक हासिल कर देहरादून पब्लिक स्कूल को पराजित किया। जबकि देहरादून की टीम सिर्फ 12 अंक पर ही सिमट गयी। रेयान इंटरनेशनल ग्रेटर नोयडा ने सेंट मैरीज इटावा की टीम को पराजित किया।धर्म पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोयडा ने बाल भारती नोयडा की टीम को मात्र 2 रनो से पटखनी दे दी । आशा मार्डन स्कूल सहारनपुर की टीम ने एच आर पब्लिक स्कूल लक्सर को बुरी तरह मात दी। इसमेंलक्सर की टीम 1 अंक भी हासिल न कर पायी।
नेहरू वर्ल्ड स्कूल गाजियाबाद ने मोनपार्ट पब्लिक स्कूल रूडकी को 46-30 से, एपीजे गाजियाबाद ने जागरण पब्लिक स्कूल नोयडा को 31-10 से मात दी। डीपीएस गाजियाबाद ने पीएफ मुरादाबाद की टीम को 31-4 और सेंट मैरीज सहारनपुर ने दूसरे मुकाबले में सेंट मैरीज एकेडमी को 46-12 से मात दी। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों ने अपनी प्रतिभा का रोचक प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडलमें ए के सिंह, गोपाल, महताब, रीचू, मनोज शामिल रहे।
16वीं आकांक्षा जोशी एवार्ड नृत्य प्रतियोगिता
सहारनपुर।रंग संस्था नाट्य एकेडमी द्वारा आयोजित16वीं आकांक्षा जोशी एवार्ड नृत्य प्रतियोगिता में रगारंग प्रस्तुतियां प्रस्तुतकी गयी। कार्यक्रम में वैष्णवी नृत्यालय की साधिका चार्वी अरोडा ने अपनी शास्त्रीय प्रस्तुति के बल पर आकांक्षा जोशी अवार्ड पर कब्जा किया।
चंद्रनगर स्थित आशा मार्डन स्कूल के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री संजय गर्ग एवंसमाजसेवी प्रभा जुनेजा ने मां सरस्वतीके सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। भाजपा नेत्री व स्वागताध्यक्ष अवनीत कौर ने मुख्य अतिथि बसपा नेता व राज्यमंत्री संजय गर्ग को पुष्प गुच्छ अर्पित कर के उनका स्वागत किया। गीतकार ओमी गौतम ने सरस्वती आराधना प्रस्तुत कर कार्यक्रम कीशुरूआत की । वैष्णवी नृत्यालय की साधिकाओं ने गणेशवंदना प्रस्तुत कर प्रारंभ से ही कार्यक्रम की बुलंदियों का अहसास कराते हुए सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रथम ग्रुप पांच से12 साल के गुप में साधिका चार्वी अरोडा ने प्रथम, सृष्टिमित्तल ने द्वितीय व सिमरन पुरी ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंशिका रमन, काव्या सिंघल, प्रियांशी सैनी व तेजस्वी ने अपनी प्रस्तुति से सभागार को तालियों की गडगडाहट से सरोबार कर दिया। 12 से 15 साल तक के ग्रुप में निकिता टेबक ने प्रथम, वाणी शर्मा ने द्वितीय व जसलीन डंग ने तृतीय स्थान हासिल किया। 15 साल से उपर के वर्ग में अंबिका जैन ने प्रथम, अर्पण नेगी ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
देश भर में सहारनपुर जिले का नाम रोशन करने वाले गीतकार अजय झींगरण ने अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सहारनपुर की होनहार छात्रा एवं फिल्म बब्बल गम की नायिका अपूर्वा को राज्यमंत्री संजय गर्ग एवं विजेश जोशी ने नौवें वीरेंद्र अग्रवाल अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम केनिर्णायक मंडलमें इंद्र पारूषी, विनोद बावा, पंकज पांडेय को भी पुरस्कृत किया गया। गायक अजय झींगरण को नाट्य कलारत्न अवार्ड से नवाजा गया।
कार्यक्रम में डा. के.के. शर्मा (प्राचार्य एम.एस. कालिज, सहारनपुर
के अतिरिक्त के. एल. अरोड़ा, प्रवेश धवन, अवनीत कौर के दौरान विनय जिंदल, पंकज बंसल, संजय गुप्ता, राकेश शर्मा, राज नितिन सिंह, जयदीप, पीएन मघुकर, मृदुल जोशी, श्रवण आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व रंगकर्मी एवं प्रधानाचार्य श्री संजय गुप्ता ने किया।
सरदार वल्लभ भाई पटैल की 136 वीं जयंती
सहारनपुर। लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटैल की 136 वीं जयंती पर गुर्जर फेडरेशन कार्यकर्ताओं ने मंडलायुक्त कार्यालय पर सामूहिक उपवास किया। सरकार की भ्रष्ट नीतियों के विरूद्ध इस उपवास का आयोजन किया गया है।
चौधरी रघुराज सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है। उन्होने कहा कि आतंकवाद जैसी गंभीर समस्या का निदान सरदार पटैल के आदर्शो परचल कर ही किया जा सकता है। अमित बजाज ने कहा कि आज का उपवास सरकारी भ्रष्ट नीतियों के विरोध में किया गया है। उन्होने कार्यकर्ताओं से सरदार पटेल जी के आदर्शो पर चलने काआह्वान किया। उपवास के दौरान सचिन चौधरी, लवी, गगन, राहुल, सन्नी, संजय, प्रदीप, वितेश, अनुज, विक्की, कुलदीप, प्रवीण, राजेश, आकाश, अजय, सचिन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
टेंलेंट हंट प्रतियोगिता
सहारनपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल में टेंलेंट हंट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में आदित्य सिंह, मेहरवान,शौर्य औरउनकी माताओं ने अपनी प्रस्तुति से पेड लगाओं,प्रदूषण बचाओ का संदेश दिया। इसके लिये उन्हें प्रथम स्थान दिया गया। दूसरे स्थान पर रहे वत्सल अरोडा और उनकी माता ने लघु नाटिका के माध्यम से आलस्य छोडो औरकाम करो का संदेश दिया। तृतीय स्थान पर रही नित्या अग्रवाल, सागरिका अग्रवाल और उनके पिता ने अपनी प्रस्तुति से सभी कोअनूठा संदेश दिया। स्कूल की उप-प्रधानाचार्या पूनम श्रीवास्तव ने अव्वल रहे सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होने कहा कि हमें समाज हित की शिक्षा भी अवश्य रूप सेग्रहण करनी चाहिये। उन्होने बच्चों को पेड-पौधे लगाने केलिये प्रेरित किया। उन्होने अभिभावको से अपील की और कहा कि वह अपने बच्चो को नैतिक कार्य करने केलिये प्रेरित करें।
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पांवधोई नदी का मिशन जारी रहे- आलोक कुमार
जिले की ऐतिहासिक पांवधोई नदी के अस्तित्व को बचाये रखने के लिये बचाव समिति के अध्यक्ष व पूर्व जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जनता से अपील की। शुरू से ही पांवधोई अभियान से जुडे रहे जिलाधिकारी एवं पांवधोई बचाव समिति के संस्थापक आलोक कुमार शनिवार रात जनपद की पांवधोई नदी पहुंचे।
इलाहाबाद में कार्यरत डीएम आलोक कुमार का शनिवार शाम रेलवे स्टेशन पहुंचने पर एसडीएम हरिकेश चौरसिया, डाक्टर एस.के. उपाध्याय, आमिर खान, इकरार अंसारी, प्रीतम कपूर समेत भारी संख्या में लोगो ने फूल मालायें पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इसके बाद आलोक कुमार पांवधोई समिति के सदस्यों के साथ धोबी घाट स्थित पांवधोई नदी पहुंचे और नदी के चारों ओर दीपक व मोमबत्तियां जलाकर दीपावली मनाई ।
पांवधोई बचाव समिति के संस्थापक अध्यक्ष पूर्व जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि वह भले ही दूसरे जिले में सेवारत हो, परंतु इस मिशन से उनकी आत्मा अब भी जुडी है। उन्होने कहा कि सहारनपुर की जनता से सहयोग से चले इस अभियान की मिसाल दूसरे जिलों की जनता को दी जाती है। उन्होने कहा कि इस मिशन की सार्थकता तभी सम्भव है, यदि यह मिशन लगातार जारी रहे। उन्होने सहारनपुर की जनता से इस मिशन में अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की।
इस दौरान विनय जिंदल, केएल ठक्कर, मनमोहन, मनोज गुप्ता, मसरूर, एके श्रीवास्तव प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
सीबीएसई बालक वर्ग की बास्केटबाल प्रतियोगिता
सेंट मैरीज स्कूल में सीबीएसई बालक वर्ग की बास्केटबाल प्रतियोगिता का आगाज़ रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुआ। प्रतियोगिता में पहुंची कई जिलो के स्कूली बच्चों की टीम अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
चिलकाना रोड स्थित स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता का उदघाटन अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन एडवोकेट लियाकत अली एवं आईटीसी के ब्रांच मैनेजर गौरव तायल ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में पधारे अतिथियों ने सभी खिलाडियों को खेल की भावना से खेलने की शपथ दिलाते हुए कार्यक्रम की शुरूआत की। इसी दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि लियाकत अली एडवोकेट ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारे जनपद के लिये सौभाग्य की बात है कि इतना बडा कार्यक्रम सहारनपुर की धरती पर होने जा रहा है। इससे बास्केट बाल के खिलाडियों को नई उर्जा प्रदान होगी और वे नई चीजों का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। गौरव तायल ने कहा कि आज के समय में बच्चों में खेलों के प्रति काफी रूचि दिखाई देती है और यही रूचि एक दिन देश को सम्मान दिलाने का काम करेंगी। उन्होने विश्वास दिलाया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन खिलाडियों के लिये निश्चित रूप से लाभप्रद सिद्ध होगा।
प्रतियोगिता के शुरूआती मुकाबले में आशा मार्डन स्कूल सहारनपुर ने केडीबी गाजियाबाद की टीम को 38 रनो से मात दी। इसमें गाजियाबाद की टीम की झोली में 12 अंक व आशा माडर्न स्कूल की झोली में 50 अंक आये। दूसरें मुकाबले में सेंट मैरीज इटावा की टीम ने इंदिरापुरम गाजियाबाद की टीम को पराजित किया। इसमें इटावा को 30 और गाजियाबाद को 17 अंक हासिल हुये। बुलंदशहर की टीम का मुकाबला सहारनपुर के आशा माडर्न इंटरनेशनल की टीम के साथ हुआ। इसमे बुलंदशहर की टीम ने कुल 24 अंक अर्जित किये। आशा माडर्न इंटरनेशनल स्कूल की टीम को इसमें मात खानी पड़ी । आजाद पब्लिक स्कूल ने 50 अंक अर्जित करते हुए एप्पल ग्रोव स्कूल की टीम को करारी हार का सामना कराया।
प्रतियोगिता के दौरान सेंट मैरीज स्कूल की प्रधानाचार्या सुषमा बजाज, रेनबो की प्रधानाचार्या नरगिस मलिक, सहारनपुर पब्लिक स्कुल से सुधीर जोशी, आलम राणा, सरदार दलजीत सिंह कोचर, आरके धवन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
विभावरी द्वारा लोकगीत गायन प्रतियोगिता का आयोजन
नगर की सुप्रसि़द्ध, साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था विभावरी द्वारा पदमश्री राम नारायण बागले, स्मृति चल वैजयन्ती प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में गीत एवं लोकगीत की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
महाराज सिंह कालेज के व्याख्यान कक्ष में आयोजित प्रतियोगिता की अध्यक्षता आईआईटी रूडकी से पधारें हिंदी साहित्य अकादमी के सदस्य डा योगेंद्र नाथ शर्मा ने की। नगर के चिकित्सक डाक्टर राजकुमार शर्मा, एमएस कालेज के प्राचार्य डा के के शर्मा एवं हरिद्वार से पधारे गीतकार दिनेश कुमार शर्मा व रमेश रमण ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता की शुरूआत की। प्रतियोगिता में अली जाफर, सलमान, सचिन, विनीता, चेतना, उदित अरोडा, एकता, सार्थक, कपिल, कविता चैधरी, मोनिका शर्मा, पलक तोमर ने अपने गीत एवं लोकगीतों से सभी की वाहवाही लूटी।
कविता चौधरी ने "भाईयों के भाई हउ पुतवों के भाई ऐं, पलक तोमर ने जगदम्बा माई" तथा सार्थक कौशिक ने "ये तो प्रेम की बात है" पर मनमोहक प्रस्तुति दी। सरस्वती विद्या मंदिर के विद्यार्थियों को चल वैजंती प्रदान की गयी।
संस्था के संरक्षक हरित, जेके तायल, डाक्टर एसएस कुमार ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। संस्था ने उन बालक-बालिकों को भी सम्मानित किया जिन्होने अपने स्कूलों में सर्वोच्च अंक हासिल किये। जिसमें नीरज वर्मा, मीनाक्षी लांबा, कुंजन सिंह और नेहपाल प्रमुख रहे। निर्णायक मंडल में शामिल रहें प्रहलाद, आतिश व नीलम अग्रवाल ने भी अपने गीतों से सभी को भावविभोर कर दिया। प्रतियोगिता की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर अरूण ने "मां ने मुझसे इक रोज कहा, करता चल सबको राम-राम" गीत सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता के अंत में संस्था अध्यक्ष कश्मीर सिंह द्वारा अतिथियों को स्मृति चिंह प्रदान किये गये। कार्यक्रम में डा गुरचरण सिंह मेहता, आदेश शर्मा, बालेश्वर जैन, सुरेश, हेमंत, डा सागर, नरेंद्र मस्ताना, लालाराम, केके बंसल, हरिओंम गणपति सहस्त्रबु़द्धे सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सहारनपुर क्लब को मिला तरणताल

सहारनपुर क्लब द्वारा संस्था परिसर में नव-निर्मित तरणताल का आज उदघाटन किया गया। बाजोरिया मार्ग स्थित सहारनपुर क्लब में नवनिर्मित स्वीमिंग पुल का उदघाटन कमिश्नर सुरेश चंद्रा, जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर व इलाहाबार के जिलाधिकारी आलोक कुमार ने संयुक्त रूप से किया। मंडलायुक्त सुरेश चंद्रा ने संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को स्वीमिंगपुल जैसी सुविधाओं के लिये बधाई दी। उन्होने कहा कि जनपद में खेल, योग एवं बेहतर स्वास्थय के लिये संस्थाओं को सहयोग करना अत्यधिक आवश्यक है। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर और आलोक कुमार ने जनता से ऐसी संस्थाओं को अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करने की अपील की। अधिकारियों ने स्वीमिंग पुल कमेटी के चेयरमैन डाक्टर टी आर मखीजा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हे बधाई दी। इस दौरान नन्हे मुन्हे बच्चों द्वारा अनेक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस दौरान आईटीसी के शाखा प्रबंधक गौरव तायल, सचिव केजी अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य जेबी सिंह, संयुक्त सचिव अरूण कुमार गुप्ता समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्रवान पर चलाये जा रहे व्यापार बचाओं देश बचाओं आंदोलन के लिये जनपद के व्यापारी भी एकजुट होते नजर आ रहे है। व्यापारिक संगठन ने नवम्बर से शुरू हो रही रथयात्रा के लिये भी व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में जुटने का आह्रवान किया है।
व्यापारियों का "शोषण व उत्पीड़न" बर्दाश्त नहीं
घंटाघर चौक स्थित एक सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष विमल विरमानी ने कहा कि रथयात्रा 9 नवम्बर को लखनऊ से शुरू होकर 60 से अधिक जिलो से गुजरेंगी। उन्होने कहा कि सहारनपुर में रथयात्रा का आगमन नवम्बर माह के अंत में होगा। उन्होने कहा कि जिलो में मिलावटखोरी रोकने के नाम पर व्यापारियों का उत्पीडन चरम सीमा पर है। अधिकारी असली माफियाओं को पकड़ने के बजाय व्यापारियों को बदनाम करने का काम कर रहे है। उन्होने कहा कि उनका संगठन मिलावटखोरों के साथ नही है, परंतु व्यापारी वर्ग का उत्पीडन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होने बताया कि टैक्स, छापों व सर्वे के माध्यमों से व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है। वार्ता के दौरान जिला महामंत्री नुसरत साबरी, बुडाराम सडाना, अनिल गर्ग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
रोजगार प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
ग्रामीण विकास मंत्रालय की स्वर्ण जयंती रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 50 से अधिक युवको को प्रशिक्षण दिया गया।
मंडी समिति रोड स्थित एक सभागार में आयोजित शिविर में सुरक्षाकर्मी की उपयोगिता और उसके कर्तव्यों की जानकारी दी गयी। कार्यशाला में आये सभी युवकों को रोजगार मैनेजर गीता चावला ने प्रमाण पत्र वितरित कर उनका हौसला बढाया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए खालिद हसन ने कहा कि इस शिविर का उददेश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अधिक से अधिक युवको को रोजगार उपलब्ध कराना है। शिविर में प्रमोद कुमार, जहूर, देवेंद्र, सतेंद्र सिंह, पूर्णिमा, शबा आदि प्रमुख रूप् से मौजूद रहे।
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सहारनपुर - २९ अक्तूबर- "हमारा अधिकार सिर्फ कर्म पर है और हमें अपने कर्त्तव्यों का पालन करते रहना चाहिये। हमारे कर्मों का परिणाम देना ईश्वर के हाथ में है जो हमारे वश में नहीं होता।" श्रीमद्भगवत् गीता के कर्मयोग "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।“ का मन्तव्य स्पष्ट करते हुए पं. धर्मेन्द्र भारद्वाज ने पंत विहार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित धर्मप्रेमी समुदाय को संबोधित करते हुए आगे कहा कि कार्तिक माह पुनीत है और विष्णु भगवान को बहुत प्रिय है तथा इस माह में श्रद्धाभाव से की गई पूजा विशेष रूप से फलदायी होती है। इस माह में सभी को जहां सुख-शांति हेतु प्रार्थना करनी चाहिये, वहीं दीपावली जैसे महत्वपूर्ण महा-पर्वों का आयोजन भी इसी मास में किया जाता है।
पं. धर्मेन्द्र भारद्वाज ने आगे कहा कि हम अपनी श्रद्धा, प्रकृति व रुचि के अनुरूप किसी भी देवता को अपना आराध्य स्वीकार कर सकते हैं । कुछ को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का तेजस्वी, धनुर्धारी रूप पसन्द आता है तो कुछ को यशोदानन्दन भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप, तो कुछ को उनका योगेश्वर, गीताज्ञान प्रदाता का रूप भाता है। इसी प्रकार मां दुर्गा के भी अनेक रूप हैं जो उनके भक्तों को लुभाते हैं। कुछ को गणपति की आराधना करना प्रिय है तो कुछ को मां लक्ष्मी का अवतारी स्वरूप रुचता है। वास्तव में ईश्वर तो एक ही हैं जो निराकार हैं, परम शक्तिशाली हैं, निष्काम हैं, सर्वव्यापी हैं, पूर्ण आनंद स्वरूप हैं। ये सारे देवता उनमें निहित शक्तियों में से कुछ का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम अपना आराध्य जिनको भी मानें, पूरी श्रद्धा से उनकी पूजा करें, उनमें दिखाई देने वाले श्रेष्ठ गुणों को अपने भीतर विकसित करने का निरंतर प्रयत्न करें - पूजा का यही अर्थ है और ऐसा करने वालों की पूजा को ही सार्थक कहा जा सकता है। परम ब्रह्मचारी, बजरंग बली हनुमान कमजोर, निर्बल, असहाय व्यक्तियों को बल प्रदान करना, उनकी रक्षा करना – यह ईश्वरीय गुण है जो हम सब को अपने भीतर विकसित करना चाहिये तभी हम सच्चे अर्थों में धार्मिक कहलायेंगे।
श्रीमद् भागवत कथा में सैकडों भक्तों ने सम्मिलित होकर धर्म लाभ उठाया। कथा के उपरांत आरती करने वालो में संतोष, सुधा, कंचन, मेघा, नागेंद्र प्रसाद, सुरेंद्र सैनी, रीना, राकेश, मनोज आदि प्रमुख रहे।
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Saraswati Vihar Sr. Secondary School celebrated "Deepotsav 2011" with full zeal and enthusiasm. It was a two days camp packed with a number of co-curricular activities - Speech Declamation, Kavi Sammelan, Rangoli Competition, Greeting Card making, Poster Making, Craft competition, theatrical play and last but not the least -sports. The school wore a festive look on 22nd and 23rd Oct. Festoons, buntings, sprinters, balloons, drapes and great performances mesmerized all the souls present there.
Please click here for pictures of the camp activities
Deepotsav 2011 proved to be a greatoccasion for the students and their teachers to come closer and understand eachother better. The purpose was to bringout the best of teachers and students. While for teachers, it was a test of their motivational and guidance skills, the students had an opportunity to exhibit their otherwise dormant talents. While the atmosphere was full of fun and frolic, there was never any occasion of any misdemeanour from any quarters.
The myriad of activities - ranging from Rain Dance and Swimming to Kavi Sammelan and theatre, singing competition, Kabaddi and kho-kho were undertaken by dividing the students in two parallel groups - Junior upto VIII standard and Senior group comprising of IX to XII.
Motive of this camp-concept was to bring the teachers and students closer so that they would spend quality time together. The institution has been immensely successful in realising this cherished goal as is proved by the happy results on the culmination of two-days events.
The Chief Guest on 22nd Oct was Mahamandaleshwar Swami Divyanand and the next day Smt. Sudeeksha Devi graced the dias as the Chief Guest and to bless the children.
The people who led this mega event from the front include the Principal G P Rohilla, Vice Principal Ms. Mamta Sharma, PTI Arvind Kumar and Ms. Neetu, event organiser Ms. Neha and many more. On the other hand, people whose efforts from behind the curtain led to the success included the Manager Yashpal Bhatia and his dedicated team members like Ashok Chawla and Rajeev Jagga.
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दीप – संदेश
दीपक है आराधना, दीपक दिव्यालोक
दीपक के अभियान को, तमस न पाता रोक।
दीपक सच की पटकथा,दीपक है आलेख
सत्य जानना है अगर, दीपक बन कर देख।
तन माटी के दीप सा,मन उजला आलोक
कर्म मनुज की चेतना, धर्म, कर्म की नोक ।
हे कवि, छोड़ विलासिता,रच प्रकाश के गीत
पिछड़ेपन का नाश हो, हो विकास की जीत ।
भागेगा तम का असुर,सिर पर रख कर पांव
कभी अडिग रहते नहीं, अंधकार के पांव ।
सूरज जब बुझने लगा,दीप बना अवतार
तम के सम्मुख डट गया, भूल गया आकार ।
दीप रूप भगवान को,करता रहूं प्रणाम
दीप पर्व करता रहूं, सदा प्रेम के नाम ।
- हरिराम’पथिक’
’स्नेह गंगा’, गली नं. ३, विष्णुधाम कालोनी,
न्यू माधव नगर, सहारनपुर
0132-2660719; 9457648900
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प्रिय मित्रों,
दीपावली के इस ज्योति पर्व पर आपको बहुत बहुत बधाई !
क़ायनात को चलाने वाली एक अज्ञात शक्ति है। कोई उसे ईश्वर, अल्लाह, तो कोई वाहे गुरू,ईसा मसीह कहते है, जब उस शक्ति ने ही हमारे अंदर कोई फर्क नही रखा,तो ऐ बंदे ! तेरा क्या वजूद?
भ्रष्टाचार देश में है जब तक,
हर रात तब तक है काली,
जनलोकपाल बिल पास करायें,
तभी मनेगी खुशियों की दीवाली।
मित्रों, परम श्रद्धेय संविधान निर्माता बाबा साहब डा भीमराव अम्बेडकर जी के बनाये हुए संविधान में भारत के हर स्वतंत्र नागरिक को मौलिकता के आधार पर मताधिकार प्राप्त है।
ऐसे में हमारा भी कर्तव्य बनता है कि अपनी अन्तरात्मा की आवाज को सुनते हुए केवल ऐसे प्रत्याशियों को चुनें जो स्वच्छ, ईमानदार छवि के हों और कर्मठ व अपराध मुक्त हों । ऐसे ही प्रत्याशी देश को जनलोकपाल बिल दे पायेंगे। जय हिन्द !

वैभव भाटिया
City President - People rights Protection Society "PRPS"
Dist. Jt. Secretary, Akhil Bhartiya Udyog Vyapar Mandal
Executive Member, IIA Saharanpur
City Secretary, BSP, Saharanpur Unit
Dist. Jt. Secretary, All India Ant-Terrorist Front
361/1, Subhash Nagar, Saharanpur
Phone : +91 99272 00001
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I, on behalf of Maharaj Singh College and my family extend my best wishes to all for a joyous and prosperous Deepawali.
Dr. K.K. Sharma
Principal, Maharaj Singh College, Saharanpur
तिमिर पर प्रकाश की विजय का प्रतीक यह ज्योति पर्व आप सब के जीवन में सुख सौभाग्य की अमृतवर्षा करे । ज्ञान का प्रकाश चहुं ओर विस्तारित हो और नैराश्य, दुःख, कष्ट, भ्रष्टाचार को देश में कहीं मुंह छिपाने के लिये भी जगह न हो !
जी.पी. रोहिल्ला, प्रधानाचार्य
सरस्वती विहार सीनियर सैकेंडरी स्कूल,
दिल्ली रोड, सहारनपुर
सभी नगरवासियों को एस.डी. इंटर कॉलिज एवं के.आर. हाई स्कूल सहारनपुर विद्यालय परिवार की ओर से दीपावली के इस पर्व पर हार्दिक शुभ कामनायें एवं बधाई ।
प्रभु कृपा से आपके बच्चे दीपावली के दीपों की तरह जगमगायें और उच्च शिखर को प्राप्त करें।
(सुरेन्द्र गोपाल सारस्वत![]()
प्रधानाचार्य
एस.डी. एंटर कॉलिज, सहारनपुर
9219879651; 9456225128
0132-2661614
सभी नगर वासियों को एस.बी.बी.ए. इंटर कॉलिज सहारनपुर के प्रबन्धक, प्रधानाचार्य, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की ओर से दीपावली की हार्दिक शुभ कामनायें। दीपावली का यह पर्व सबके जीवन में ज्ञान का प्रकाश लाये।
सत्यवीर सिंह आर्य
प्रधानाचार्य
एस.बी.बी.ए. इंटर कॉलिज
भूतेश्वर मंदिर रोड, सहारनपुर
9219777596
समस्त नगरवासियों को एच. ए. वी. इंटर कॉलिज विद्यालय परिवार की तरफ से हार्दिक शुभकामनायें । दीपों का यह पर्व सदा आपके जीवन को खुशियों से आलोकित करता रहे।
(एस.एस. राजपूत![]()
प्रधानाचार्य
एच.ए.वी. इंटर कॉलिज,
सहारनपुर